इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती मजदूर
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पूर्णिया में निर्माणाधीन वाटर टैंक साफ कर रहे एक मजदूर की मौत जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि चार अन्य मजदूर की हालत अभी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मृतक परिजनों में मातम पसरा हुआ है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लाश का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया में जुट गई। यह घटना रविवार सुबह मुफस्सिल थानाक्षेत्र के दीवानगंज कदमटोला में घटी है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक मजदूर की पहचान दीवानगंज निवासी दिलीप महाल्दार के बेटे राजा महाल्दार (28) के रूप में हुई है। वहीं, घायल मजदूरों में मिठ्ठू मंडल (28), भरत मंडल (26), छोटी मंडल (30) और एक अन्य शामिल हैं।
घटना को लेकर मलतू महाल्दार ने बताया कि करीब दो साल से निर्माणाधीन वाटर टैंक बंद था। रविवार को वाटर टैंक को साफ करने के लिए घर के बगल के ही चार मजदूर आए थे। वाटर टैंक का ढक्कन खोलने बाद मेरे पारिवारिक सदस्य राजा महाल्दार ने कहा कि हम ये काम जानते हैं। वाटर टैंक में लीक कहा है, हम तुरंत खोज लेंगे। बिना सेफ्टी के ही राजा महाल्दार अंदर घुस गया। घुसने के तुरंत बाद ही जहरीली गैस की चपेट में आने से टैंक के अंदर ही बेहोश हो गया। बाहर से आवाज देने के बाद कोई जबाव नहीं मिलने पर भरत मंडल भी अंदर घुस गया। ये भी कुछ देर तक बाहर नहीं आया, उसके बाद बचाने के लिए सभी चारों मजदूर एक-एक कर वाटर टैंक के अंदर चले गए। सभी मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गए।
उन्होंने बताया कि उसके बाद ग्रामीणों की मदद से किसी तरह सभी को बाहर निकाल लिया गया। आनन-फानन में सभी को इलाज के पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान राजा महाल्दार को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि बाकी सभी का इलाज पूर्णिया जीएमसीएच में चल रहा है।
वहीं, मुफस्सिल थानाध्यक्ष बृजेश कमार ने बताया कि वॉटर टैंक साफ करने के दौरान एक मजदूर की मौत हुई है। वहीं, चार को बेहोशी हालत में पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। मृतक मजदूर की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है।