बाढ़ सिविल कोर्ट में कथित पकड़ौआ विवाह को लेकर हंगामा हो गया। युवक ने कोर्ट मैरिज के कागजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए जबरन शादी कराने का आरोप लगाया। वहीं, युवती ने प्रेम विवाह का दावा किया। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।
सिविल कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कथित पकड़ौआ विवाह के एक मामले में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। रजिस्ट्री कार्यालय में कोर्ट मैरिज का पंजीकरण कराने पहुंचे युवक ने शादी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और युवती पक्ष पर जबरन शादी कराने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने दोनों पक्षों को रोककर बाढ़ थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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युवक नीतीश कुमार का आरोप है कि वह युवती की छोटी बहन ईशा से शादी करने के लिए तैयार थे, लेकिन युवती पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट कर गांव के एक मंदिर में बड़ी बहन सीता देवी से जबरन शादी करा दी। नीतीश के अनुसार, वह बुधवार को बेगूसराय के जीडी कॉलेज गए थे। वहां सीता देवी ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा। घर पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने उन्हें रात में रुकने के लिए कहा और बाद में जबरन मंदिर ले जाकर शादी करा दी। उनका यह भी आरोप है कि सीता देवी पहले से फोन पर बातचीत नहीं करने पर धमकी देती थीं, इसलिए वह डर के कारण उनसे बात करते थे।
वहीं, सीता देवी और उनके परिजनों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका आरोप है कि युवक पक्ष शादी के लिए 20 लाख रुपये दहेज की मांग कर रहा था। सीता देवी ने बताया कि वह पटना के एक निजी अस्पताल में नर्स हैं। उनका 10 वर्ष पहले पहले पति से तलाक हो चुका है और उनकी एक बेटी भी है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी पारिवारिक स्थिति पहले ही नीतीश को बता दी थी।
सीता देवी के अनुसार, करीब दो महीने पहले एक शादी समारोह में दोनों की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। उनका दावा है कि मंदिर में शादी दोनों की सहमति से हुई थी और उसी शादी का कानूनी पंजीकरण कराने के लिए वे कोर्ट पहुंचे थे। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।