फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: सारण में डंपर की चपेट में आने से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन

Thu, 09 Jul 2026 07:47 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

सारण के तरैया में पुल निर्माण कार्य में लगे डंपर की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही भारी वाहनों का परिचालन केवल रात में कराने की मांग उठाई।

विज्ञापन
मौके पर मौजूद अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र में पुल निर्माण कार्य में लगे डंपर की चपेट में आने से एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतक का शव गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों ने सारण तटबंध तथा गंडक नदी पुल निर्माण कंपनी के चंचलिया स्थित प्लांट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुआवजे की मांग को लेकर कुछ समय के लिए पुल निर्माण कार्य भी बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह सारण तटबंध के भलुआ बाजार के समीप पुल निर्माण कार्य में लगे एक डंपर की चपेट में आने से भलुआ शंकरडीह गांव निवासी जैनुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने डंपर और उसके चालक को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, छपरा भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। पहले सारण तटबंध पर और बाद में चंचलिया स्थित पुल निर्माण कंपनी के प्लांट के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया गया।

विज्ञापन


पढ़ें: राजद को कांग्रेस का साथ पर उठे सवाल, नामांकन में बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी पर लालू के करीबी क्या बोले?

 

हंगामे की सूचना मिलते ही तरैया थानाध्यक्ष धीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंचलाधिकारी अजय कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुल निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर, पुलिस और प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। उनका कहना था कि निर्माण सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों का परिचालन केवल रात के समय कराया जाए। ग्रामीणों के अनुसार, तरैया बाजार से चंचलिया दियारा स्थित प्लांट तक जाने वाला मार्ग संकरा और सिंगल लेन है। दिन में 18 चक्का हाइवा और डंपरों की लगातार आवाजाही से आम लोगों की जान जोखिम में रहती है।

ग्रामीणों ने बताया कि भारी वाहनों के कारण पहले भी कई बाइक सवार सड़क किनारे खेतों में गिरकर घायल हो चुके हैं। तेज रफ्तार हाइवा सामने आने पर सुरक्षित निकलना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने प्रशासन से दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारी वाहनों के परिचालन का समय निर्धारित करने और सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें