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बिहार दरोगा परीक्षा: पटना में प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ी, पुलिस ने भांजीं लाठियां; क्यों मचा है अब हंगामा

Mon, 05 Oct 2026 01:49 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Student Protest in Patna : बिहार में आज फिर प्रदर्शन का दिन है। सुबह से जुटान हो रहा था। देर हुई, लेकिन अब माहौल बन गया। दरोगा परीक्षार्थियों के इस प्रदर्शन को रोकने के लिए बिहार पुलिस को फिर बल प्रयोग करना पड़ा। बैरिकेड टूटने के बाद हंगामा बढ़ गया।
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बिहार में दरोगा परीक्षा को लेकर प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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कॅरियर में आगे कोई संकट नहीं हो, इसलिए पहचान छिपाने का संकट। प्रदर्शन भी जरूरी है, ताकि सरकार बात माने। इसी ऊहापोह में छात्र देरी से जुटे। सुबह 11 बजे से ही प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन जुटान में समय लगा। अब माहौल बन गया और जमकर हंगामा हुआ। दरोगा परीक्षार्थियों का जत्था फिर पटना में मुख्यमंत्री आवास घेरने के लिए निकला तो प्रदर्शनकारियों की आवाज गूंजती रही। रास्ते जाम हो गए। कुल मिलाकर प्रदर्शन के कारण एक बार फिर पटना में पुलिस के लिए असहज स्थिति दिखी। दरोगा अभ्यर्थियों ने बैरिकेड तोड़ दी, जिसपर नियंत्रण के लिए पुलिस ने लाठियां भांजीं। जत्था तितरबितर होकर डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ा।

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पुलिस ने रोकना शुरू किया, सुरक्षा बढाई
पटना में दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गया है। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में दरोगा अभ्यर्थी गांधी मैदान से जेपी गोलंबर की ओर मार्च करने निकले। हालांकि, जेपी गोलंबर के पास पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। मौके पर पुलिस के साथ बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। फिलहाल जेपी गोलंबर के पास पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण दरोगा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी देख मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पटना जिला प्रशासन अभ्यर्थियों से अपील कर रहा है कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिले और अपनी बात रखे। इस तरह धरना प्रदर्शन करने से कोई लाभ नहीं होने वाला है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, अभ्यर्थी मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थी जेपी गोलंबर के पास बीच सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन करने के बाद डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे तो बैरिकेड तोड़े जाने के बाद पुलिस ने लाठियां भांजीं।
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दरोगा मेन्स के निरस्तीकरण की वापसी पर पटना में प्रदर्शन। - फोटो : amar ujala digital
1799 पदों की भर्ती में मेंस परीक्षा रद्द करने का विरोध
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी 1799 पदों पर होने वाली दरोगा भर्ती की रद्द की गई मेंस परीक्षा को लेकर नाराज हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि काफी मेहनत के बाद उन्होंने प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की और मेंस परीक्षा में सफल हुए। करीब 10 हजार अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया गया था। अब मेंस परीक्षा रद्द किए जाने से उनका भविष्य अधर में पड़ गया है।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ शिक्षा माफिया और छात्र नेताओं की शिकायतों के आधार पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई थी तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।

चार महीने से शारीरिक परीक्षा की तैयारी, तारीख जारी करने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि मेंस परीक्षा पास करने के बाद वे पिछले करीब चार महीने से शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि मेंस परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस लिया जाए और जल्द से जल्द शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख जारी की जाए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि उनमें कई ऐसे अभ्यर्थी भी हैं, जिनकी उम्र सीमा अब पार हो चुकी है या जल्द पार होने वाली है। उनका कहना है कि घर से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो गया है। मेंस परीक्षा पास करने के बाद परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि अब नौकरी मिलने वाली है, लेकिन अचानक परीक्षा रद्द किए जाने से सभी निराश हैं।

'गड़बड़ी जहां हुई, कार्रवाई वहां हो, पूरी परीक्षा क्यों रद्द हो'
अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर परीक्षा के दौरान किसी केंद्र पर गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई संबंधित केंद्र और दोषियों के खिलाफ होनी चाहिए। उनका तर्क है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना उचित नहीं है। उन्होंने चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी एक या दो बूथ पर गड़बड़ी होती है तो पूरे राज्य का चुनाव रद्द नहीं किया जाता, बल्कि संबंधित बूथ या क्षेत्र में कार्रवाई की जाती है। उसी तरह दरोगा भर्ती परीक्षा में जहां गड़बड़ी हुई है, वहां जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अभ्यर्थियों ने कहा कि गलती किसी और की होने पर उसकी सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। वे बिहार के अलग-अलग जिलों से पटना आकर तैयारी कर रहे हैं। अब उनका कहना है कि सरकार और आयोग उनकी मांगों पर जल्द फैसला लें, ताकि उनका भविष्य बर्बाद होने से बच सके।
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