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Republic Day: भवन निर्माण मंत्री के जूता पहनकर झंडोत्तोलन करने पर बवाल, लोगों की ऐसी प्रतिक्रियाएं; जानें नियम

Sun, 26 Jan 2025 04:46 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतास

सार

Rohtas News: सासाराम में गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तलन के दौरान भवन निर्माण मंत्री के जूते पहने रहने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे लेकर लोग तमाम तरह की बातें कह रहे हैं और तिरंगे का अपमान होने की बातें कह रहे हैं। जानें पूरा मामला...।
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तिरंगा झंडोत्तोलन के दौरान जूते पहने मंत्री जयंत राज तथा अन्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री जयंत राज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंत्री जयंत राज सासाराम के फजलगंज न्यू स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान जूता पहनकर झंडोत्तोलन करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बहस को जन्म दे दिया है।

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जूते पहनकर झंडोत्तोलन करने का वीडियो वायरल
मंत्री जयंत राज ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रभारी मंत्री के रूप में फजलगंज न्यू स्टेडियम में झंडोत्तोलन किया। इस दौरान वे जूते उतारना भूल गए और जूते पहने हुए ही राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस घटनाक्रम को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अब इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
 
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान पर उठे सवाल
झंडोत्तोलन के समय जूते पहनने को लेकर लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जोड़ा और टिप्पणी की। कई लोग इसे तिरंगे के प्रति असम्मानजनक मान रहे हैं, जबकि संविधान और कानून विशेषज्ञ इस मुद्दे पर एक अलग दृष्टिकोण रखते हैं।
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संविधान में क्या कहता है कानून?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय संविधान या राष्ट्रीय ध्वज संहिता में यह स्पष्ट नहीं है कि झंडोत्तोलन के समय जूते पहनना अनिवार्य रूप से गलत है। संविधान में नंगे पैर या जूते पहनकर झंडोत्तोलन करने को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। इसलिए इसे तिरंगे का अपमान नहीं माना जा सकता।
 
समाज की अपेक्षाएं और नेताओं की भूमिका
हालांकि, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान केवल कानून का पालन करने से नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं का ख्याल रखने से भी जुड़ा है। आम जनता को अपने नेताओं से यह उम्मीद होती है कि वे राष्ट्रीय प्रतीकों का पूरा सम्मान करें। इस घटना ने इस ओर ध्यान आकर्षित किया है कि नेताओं को झंडोत्तोलन जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर छोटी-छोटी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
 
वीडियो वायरल होने के बाद प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ इसे तूल न देने की बात कह रहे हैं।
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हालांकि इस मामले पर मंत्री जयंत राज की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जिला प्रशासन ने भी इस घटना को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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