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पोषण माह में बक्सर पूरे बिहार में आगे: एक लाख गतिविधियां दर्ज, डीएम ने कम इंट्री वाले प्रखंडों पर जताई नाराजगी

Sun, 27 Sep 2026 09:19 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर

सार

9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जन-आंदोलन गतिविधियों की इंट्री में बक्सर पूरे बिहार में पहले स्थान पर है। 25 सितंबर तक जिले के 1,944 आंगनबाड़ी केंद्रों से 1,66,223 गतिविधियां दर्ज की गईं, जो निर्धारित लक्ष्य का 101.81 प्रतिशत है। डीएम ने कम इंट्री वाले प्रखंडों में शत-प्रतिशत गतिविधियों की इंट्री और योजनाओं को धरातल पर प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

 

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बैठक में डीएम समेत कई अधिकारी हुए शामिल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जन-आंदोलन गतिविधियों की इंट्री में बक्सर जिला पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर है। 25 सितंबर तक जिले की सभी 10 परियोजनाओं के 1,944 आंगनबाड़ी केंद्रों से कुल 1,66,223 गतिविधियां जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज की गई हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 101.81 प्रतिशत है। शनिवार को डीएम साहिला की अध्यक्षता में आयोजित आईसीडीएस एवं पोषण माह की समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी दी गई।
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डीएम ने जिले की इस उपलब्धि को बरकरार रखने का निर्देश दिया। वहीं सिमरी, नावानगर और ब्रह्मपुर बाल विकास परियोजनाओं में अपेक्षाकृत कम इंट्री पर खेद जताते हुए शत-प्रतिशत गतिविधियों की इंट्री सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गतिविधियों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक रूप से धरातल पर उतारने और उनकी गुणवत्तापूर्ण रिपोर्टिंग का निर्देश दिया।

‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है थीम
9वां राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। इसके तहत आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन, सामुदायिक सहभागिता और बच्चों के पोषण एवं प्रारंभिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डीएम ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रतिदिन अधिकतम पांच गतिविधियों की इंट्री की जा सकती है। पिछली गतिविधियों की इंट्री के लिए डी+3 दिन की सुविधा है, जबकि डेटा इंट्री की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित है।
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कुपोषित बच्ची की पहचान कर कराया एनआरसी में भर्ती
बैठक में राजपुर प्रखंड के चचरियां गांव की काजल कुमारी की सफलता की कहानी भी साझा की गई। आंगनबाड़ी सेविका सेवांती देवी ने बच्ची की गंभीर रूप से कमजोर पोषण स्थिति की पहचान की। 9 जनवरी 2026 को बच्ची का वजन महज 1.2 किलो था। परिवार को समझाकर उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां करीब 28 दिनों तक उपचार और पोषण सेवाएं मिलीं। वहां से लौटने पर उसका वजन करीब 2.2 किलो था। इसके बाद सेविका ने नियमित गृह भ्रमण और फॉलोअप जारी रखा। 10 सितंबर 2026 को बच्ची का वजन 8.2 किलो और लंबाई 70 सेंटीमीटर दर्ज की गई। अधिकारियों ने इसे समय पर पहचान, NRC से जुड़ाव, उचित पोषण और लगातार निगरानी का परिणाम बताया।
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29 सितंबर से एक अक्टूबर तक होने वाली गतिविधियों की समीक्षा
बैठक में 29 सितंबर, 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को होने वाली गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। इनमें माताओं-अभिभावकों को आमंत्रित करने, लाभार्थी माताओं, सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं के सम्मान, अनुभव-संवाद, बच्चों के खेल, चित्रकला व गीत तथा पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देने की गतिविधियां शामिल हैं। बैठक में डीडीसी, सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 
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