इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए
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बिहार की राजधानी पटना में कंकड़बाग थाना परिसर से जब्त की गई लग्जरी कार चोरी हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह वही कार है, जिसमें झारखंड नंबर प्लेट के साथ भारी मात्रा में विदेशी शराब पकड़ी गई थी। इस घटना ने पटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यशैली पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। मामला कंकड़बाग थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर इलाके का है। जहां दो फरवरी को झारखंड नंबर प्लेट वाली लग्जरी कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई थी। गाड़ी को पुलिस ने जब्त कर थाने में सुरक्षित रखा था, लेकिन जब्ती सूची तैयार होने के बाद गाड़ी थाने से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब थाना परिसर में जब्त वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की संपत्ति और सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
पुलिस की लापरवाही या अंदरूनी मिलीभगत?
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, साथ ही संतरी ड्यूटी भी मौजूद होती है। ऐसे में गाड़ी का चोरी हो जाना सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि अंदरूनी मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है।
चोरी में पूर्व चालक की संलिप्तता का संदेह
जानकारी के अनुसार, कर्ण कुमार निजी चालक है और उस पर गाड़ी चोरी करवाने का आरोप लग रहा है। कहा जा रहा है कि उसने मोटी रकम लेकर गाड़ी चोरी कराने में मदद की। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले की पुष्टि नहीं कर रही है, लेकिन घटना के बाद से पूर्व चालक की भूमिका पर जांच शुरू कर दी गई है।
CCTV फुटेज से होगा खुलासा
अब इस पूरे मामले की CCTV फुटेज खंगालकर जांच की जा रही है। इससे यह साफ हो सकेगा कि गाड़ी कैसे चोरी हुई, कौन लोग इसमें शामिल थे और पुलिस की भूमिका क्या रही। वहीं, इस मामले को लेकर आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है, क्योंकि जब खुद थाना परिसर में ही जब्त वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।