बिहार ने बिजली क्षेत्र में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो राज्य को न सिर्फ राष्ट्रीय मानचित्र पर अग्रणी बना रही है, बल्कि ऊर्जा प्रशासन की प्रतिबद्धता और दक्षता का भी उदाहरण पेश कर रही है। राज्य की दोनों वितरण कंपनियों नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल एटीएंडसी (AT&C) हानि को घटाकर 15.50% कर दिया है। यह पहली बार है जब बिहार की एटीएंडसी हानि देश के सभी डिस्कॉम के राष्ट्रीय औसत से भी नीचे पहुंच गई है।
संवेदनशील संचालन और सुधारों का मिला फल
पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिहार की एटीएंडसी हानि 19.94% थी, जो अब 15.50% तक घट चुकी है। इसमें एनबीपीडीसीएल ने इसे 14.5% तक और एसबीपीडीसीएल ने 17% तक लाकर प्रदर्शन में नई ऊंचाई छू ली है। यह उपलब्धि वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता में सुधार, सटीक और पारदर्शी बिलिंग, समयबद्ध कनेक्शन और उपभोक्ता विश्वास निर्माण जैसे कई पहलुओं के बेहतर कार्यान्वयन का परिणाम है। इन प्रयासों को केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, राष्ट्रीय मंचों पर भी सराहा गया है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी उपभोक्ता सेवा रेटिंग में एनबीपीडीसीएल को ‘A’ ग्रेड और एसबीपीडीसीएल को ‘B+’ ग्रेड मिला है।
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राजस्व वसूली में भी ऐतिहासिक उछाल
बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के प्रति उत्तरदायित्व में सुधार का असर राजस्व वसूली पर भी दिखा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 17,114 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो कि 2023-24 की 15,109 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 13% अधिक है। यह वृद्धि सीधे तौर पर प्रणालीगत सुधार, उपभोक्ता संतोष और कार्यकुशलता से जुड़ी है। आरडीएसएस योजना के तहत अवसंरचना सुधारों और तकनीकी हानियों में कमी लाने वाली पहलों ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया नीतीश सरकार की नीति का परिणाम
बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व की उपज बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में जब एटीएंडसी हानि 59.15% थी, तब से आज 15.5% तक लाना बिहार के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और उपभोक्ता सेवा के प्रति हमारी निष्ठा का प्रमाण है। ऊर्जा मंत्री ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता जनता के विश्वास, सहयोग और प्रशासन की निरंतर मेहनत से संभव हो सकी है।
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ऊर्जा सचिव ने जताया गर्व, टीम की सराहना
ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पंकज पाल ने इसे एक मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि बिहार के 85% से अधिक उपभोक्ता ग्रामीण हैं, ऐसे में एटीएंडसी हानि को राष्ट्रीय औसत से भी नीचे लाना असाधारण है। एक ही वर्ष में 4.5% की गिरावट हमारी टीमों के समर्पण और उपभोक्ता-प्रथम सोच का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता आगे और भी सशक्त सेवाओं की दिशा तय करती है। विभाग अब भी सटीक बिलिंग, निर्बाध बिजली आपूर्ति और त्वरित शिकायत निवारण पर केंद्रित रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को अधिकतम संतोष और सेवा मिल सके।