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बिहार: ऑक्सीजन की कमी पर भड़के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, बोले- मुझे पदमुक्त कर दो, आभारी रहूंगा

Sun, 18 Apr 2021 11:31 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि एनएमसीएच में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है, जिससे कोरोना मरीजों की जान खतरे में बनी रहती है। ऑक्सीजन की कमी से अगर कोई घटना हुई तो उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा दिया जाएगा।
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ऑक्सीजन सिलेंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना में नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसीएच) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने खुद को पदमुक्त करने की गुहार लगाई। डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि एनएमसीएच में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है, जिससे कोरोना मरीजों की जान खतरे में बनी रहती है। ऑक्सीजन की कमी से अगर कोई घटना हुई तो उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा दिया जाएगा।

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अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक पर हो सकती है कार्रवाई
डॉक्टर ने पत्र के जरिये कहा कि यदि अस्पताल में इलाज करा रहे कोरोना संक्रमित मरीज की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो जाती है तो इसका जिम्मेदार अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक यानी कि उन्हें ही माना जाएगा। उन्होंने पत्र में लिखा कि उन्हें हमेशा आशंका रहती है कि मरीज की मौत होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

नहीं मिल रहे पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर
पत्र में डॉक्टर सिंह ने प्रत्यय अमृत से गुहार लगाई है कि उन्हें चिकित्सा अधीक्षक के पद से मुक्त कर दिया जाए जिसके लिए वह आजीवन उनके आभारी रहेंगे। पत्र में उन्होंने लिखा कि नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को जितनी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर मिलने चाहिए, उतने नहीं मिल रहे जबकि दूसरे अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। 
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सरकार पर तेजस्वी का हमला
इधर, एनएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव का एक ट्वीट सामने आया है। ट्वीट में तेजस्वी ने बिहार सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि यह है नीतीश कुमार का छद्म विकास। नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधीक्षक ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर अपने कार्य प्रभार से मुक्त करने का अनुरोध किया है। आप बस स्थिति की कल्पना कीजिए। 16 वर्षों के मुख्यमंत्री से सवाल जवाब करना मना है। वह 16 क्या 1600 वर्ष मुख्यमंत्री रहेंगे तब भी अपनी गलती नहीं मानेंगे।

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