सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार और हरेराम कुमार ने लगाए आरोप
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पटना जिले के मोकामा नगर परिषद के मुख्य सभापति नीलेश कुमार एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। उनके खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्य आरोप चुनावी हलफनामे में जानकारियों को छिपाने और फर्जीवाड़े से संबंधित हैं, वहीं नगर के विकास कार्यों में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर भी अब मामला पटना हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का आरोप
राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई शिकायतों में मोकामा के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कुमार और हरेराम कुमार ने आरोप लगाया है कि सभापति नीलेश कुमार ने अपने चुनावी हलफनामे में कई महत्वपूर्ण जानकारियों को छिपाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने हथियार लाइसेंस की जानकारी को शपथ पत्र में शामिल नहीं किया, जबकि वह उनके नाम पर निर्गत है। साथ ही चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी कथित रूप से अधूरी और भ्रामक दी गई है। इन्हीं आरोपों को संज्ञान में लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मोकामा के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने मंतव्य के साथ विस्तृत जांच प्रतिवेदन जल्द से जल्द आयोग को उपलब्ध कराएं।
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विकास कार्यों में अनियमितता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका
इधर, तीसरे सामाजिक कार्यकर्ता राम शंकर सिंह ने मोकामा नगर परिषद में हुए विकास कार्यों की विभागीय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि नगर क्षेत्र में कई योजनाएं और निर्माण कार्यों में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी जांच विभागीय स्तर पर की गई थी। लेकिन आज तक उस जांच रिपोर्ट को न तो सार्वजनिक किया गया और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई।
‘सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से छिपाया गया’
आरोप लगाने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नीलेश कुमार के कार्यकाल में पारदर्शिता का अभाव रहा है। वे कई मामलों में जानबूझकर तथ्यों को छिपाते रहे हैं। अब जब चुनावी शपथ पत्र की पड़ताल शुरू हुई है, तो सच सामने आने की उम्मीद है।
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अब आगे क्या?
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मुख्य सभापति नीलेश कुमार की कुर्सी पर संकट आ सकता है। वहीं पटना हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद नगर परिषद में हुए विकास कार्यों को लेकर भी बड़ा खुलासा संभव है।