लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को बिहार की राजधानी और लोकसभा क्षेत्र पटना पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। दोपहर में युवाओं से चर्चा में उनके मुद्दों पर बात की गई। वहीं, अब नेताओं से जनता के मुद्दों-समस्याओं पर चर्चा की जा रही है।
पटना के हिंदी साहित्य सम्मेलन परिसर में अमर उजाला से बात करते हुए एनडीए नेत्री प्रतिभा सिंह ने युवाओं की रोजगार और शिक्षा की समस्या को लेकर कहा कि पहले दिक्कतें थी, अब नहीं हैं। अभी मैं नहीं मान सकती। देखिए जिस तरह का बिहार हमें मिला था, 2005 से पहले का बिहार और आज का बिहार में बहुत अंतर है। मैं उन युवाओं की जिनकी जो समस्या है, जिन्होंने सवाल पूछा है आपसे, मैं उन्हें बताना चाहूंगी कि चूंकि उन्होंने 2005 के पहले वाले बिहार को देखा ही नहीं था। उन्हें नहीं पता कि पहले सत्र कैसे चलते थे। आज डिग्री मिलने में दो-ढाई साल का जो गैप बता रहे न, पहले तीन साल का गैप होता था। मैं युवाओं को आश्वस्त करना चाहती हूं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जिस तरीके से बिहार बदला है, वह बढ़ता ही चला जाएगा और बदल रहा है।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि आज डिग्री की बात करें तो जिस तरह से इन्फ्रास्ट्रक्चर बिहार में बहाल हुआ, जिस तरह से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम हो रहा है और भी कई जगहों पर ऐसा ही है। युवा निश्चिंत रहें भाई, बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है। उन्हें युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की चिंता है। सरकार काम कर रही है और यहां तो सब व्यवस्थित हुआ है।
विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेता सुमन मलिक ने कहा कि राजनीति करने का जो ढंग है या फिर हम परिचर्चा में शामिल होते हैं तो मेरा ये मानना है कि लोग कहते हैं जो हुआ है सो इन दस साल-15 साल (मोदी सरकार और नीतीश सरकार का कार्यकाल) में हुआ है, यह सरासर गलत है। देश की आजादी के बाद जितनी भी उपलब्धियां आज हैं, चाहे नरेंद्र मोदी जी ट्रेन, हवाई पट्टी, रेलवे स्टेशन का निजीकरण करें या टिकट काउंटर किसी को दे दें। यह सब किसका किया हुआ है? यह सब कुछ हमारी पूर्ववर्ती सरकारों (कांग्रेस तथा अन्य केंद्र की सरकारें) द्वारा उपलब्धियां हासिल की गईं थी, तब आप दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये जो हवाई जहाज उड़ रहा हिंदुस्तान में ये नरेंद्र मोदी द्वारा किया हुआ नहीं है। ये रेल हमारी इतनी विकसित है, दुनिया के समानांतर हमारी रेल व्यवस्था है, ये बीजेपी द्वारा किया हुआ नहीं है। ये सब कुछ कांग्रेस की सरकार की देन है। हां, जो मार्केटिंग होती है न वह मार्केटिंग नरेंद्र मोदी और भाजपा बहुत बेहतर ढंग से कर लेते हैं। चूंकि हम काम करने वाले लोग थे, देश को जोड़ने वाले लोग थे, हम संविधान को बचाने वाले लोग थे तो हमने संविधान बचाने का काम किया, देश कैसे आगे बढ़े हम उसमें लगे रहे। हमने यह नहीं किया हमने ट्रेन चालू की तो फिर उसकी बाजारीकरण और व्यवसायीकरण कर रहे हैं। हम तो इसमें लगे थे कि स्वतंत्रता के बाद हमारा देश जहां खड़ा है उससे और आगे कैसे ले जाएं। लेकिन जबसे भाजपा की सरकार आई है, तबसे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐसे लोक लुभावन वातावरण बनाया जा रहा है कि लोग उसी में उलझकर रह गए हैं।