बिहार राजद प्रदेशाध्यक्ष जगदानंद सिंह
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सबसे करीबी नेता जगदानंद सिंह इन दिनों पार्टी से नाराज चल रहे हैं। आए दिन लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जगदानंद सिंह के विषय में कुछ ना कुछ बोल देते हैं। पिछले दिनों लालू के बेटे तेजप्रताप ने जगदानंद सिंह पर हिटलर शाही का आरोप लगाया था। जिसके बाद से जगदानंद सिंह राजद के प्रदेश कार्यालय सहित उसके किसी भी कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर रहे हैं। लिहाजा यह चर्चा होने लगी कि जगदानंद सिंह लालू के बड़े बेटे के रवैये से काफी क्षुब्ध हैं।
इससे पहले भी जगदानंद सिंह के इस्तीफे की चर्चा जोर शोर से चल रही थी। लेकिन, लालू के हस्तक्षेप के बाद यह मामला शांत हो गया था। कुछ ही दिनों के बाद उनके बड़े बेटे तेज प्रताप ने राजद कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह कह दिया कि पार्टी में कुछ लोगों की हिटलर शाही चल रही है जो अब बहुत दिनों तक नहीं चलेगी।
उस दौरान जो पोस्टर लगाए गए थे उसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तस्वीर नहीं थी। जिसके कारण भी पार्टी की काफी किरकिरी हुई । इसके बाद तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी हमारे दिल में रहते हैं तस्वीर की क्या बात है। 11 अगस्त को शहीद दिवस होने के बावजूद भी राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह न तो कार्यालय पहुंचे और ना ही शहीद स्मारक के पास। हालांकि इस मामले में राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन का कहना है कि जगदानंद सिंह स्वास्थ्य कारणों की वजह से अभी पार्टी व कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पर तेज प्रताप का फूटा गुस्सा
बता दें कि आठ अगस्त को राजद के एक कार्यक्रम में तेज प्रताप यादव ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पर निशाना साधते हुए उन्हें हिटलर तक कह डाला। तेज प्रताप ने कहा कि जगदानंद सिंह सब जगह जाकर हिटलर की तरह बोलते हैं। पार्टी कार्यालय का मेन गेट अध्यक्ष की मर्जी से खुलता और बंद होता है। पिताजी के समय दरवाजा हमेशा खुला रहता था, लेकिन उनके जाने के बाद बहुत लोगों ने मनमानी शुरू कर दी है। तेज प्रताप यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने जगदानंद सिंह को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कुर्सी किसी की बपौती नहीं है।
अंदरूनी कलह से जूझ रही पार्टी
राष्ट्रीय जनता दल एक बार फिर अंदरूनी कलह से जूझ रही है। पार्टी प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बयानों से पार्टी के भीतर नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं, तेजस्वी यादव भी दूरियां बना रहे हैं। दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर मनमुटाव की खबरें आ रही हैं। भाजपा ने पार्टी में खटपट को लेकर राजद और तेज प्रताप पर चुटकी ली। बिहार भाजपा ने नसीहत देते हुए कहा कि तेज प्रताप को कम से कम पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बना दिया जाए।