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Bihar News: पटना एम्स में पीजी के छात्र ने जान देने की कोशिश की, सुसाइड नोट में क्या लिखा जो हो रहा वायरल?

Sat, 28 Mar 2026 01:17 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna Aiims: एम्स में पीजी का छात्र ऐसा कदम उठा लेगा, यह किसी ने सोचा नहीं होगा। सुसाइड नोट पढ़कर ऐसा लग रहा है कि डॉक्टर विश्वास पिछले कुछ दिनों से किसी मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहे थे। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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पटना एम्स के पीजी के छात्र डॉ. विश्वास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एम्स में पीजी प्रथम वर्ष के एक छात्र ने अपने छात्रावास के कमरे नंबर 13 में नशीली पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। छात्र की पहचान डॉक्टर विश्वास कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मुकुंदपुर के रहने वाले हैं। डॉक्टर ने ऐसा क्यों किया यह अब तक पता नहीं चल पाया है। 
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बताया जा रहा है कि शुक्रवार को डॉक्टर विश्वास की ड्यूटी लगी थी, लेकिन जब वे काफी देर तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो उनके सहपाठियों को चिंता हुई। साथी डॉक्टर उन्हें खोजने के लिए एम्स छात्रावास के कमरा नंबर 13 पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने पर जब साथियों ने खिड़की से झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। डॉक्टर विश्वास अपने बेड पर अचेत (बेहोश) अवस्था में पड़े थे। आननफानन में सहयोगियों ने खिड़की तोड़ी और कमरे में प्रवेश किया। उन्हें तत्काल कमरे से बाहर निकालकर पटना एम्स के ही इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञों की टीम उनके उपचार में जुटी है।
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सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
मामले की सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानेदार गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि तलाशी के दौरान कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। डॉक्टर विश्वास ने अंग्रेजी में लिखा (Do nor try to revive me,  let me die in peace)। यानीमुझे जिंदा करने की कोशिश न करें, मुझे शांति से मरने दें। थानेदार का कहना है कि डॉक्टर विश्वास ने किस परिस्थिति में ऐसा कदम उठाने की कोशिश की? उनके साथ क्या हुआ? वह किस परेशानी से गुजर रहे थे? इन सब की जांच की जा रही है। उनके दोस्तों से भी पूछताछ चल रही है। थानेदार ने कहा कि हमलोगों मामले में ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रावास के उस कमरे को सील कर दिया है। एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं।
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