25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसा दिन है जिसे काला अध्याय कहा जाता है। इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगा दिया था। इसके 50 साल पूरे होने पर मंगलवार को पूरे देश में ‘संविधान हत्या दिवस 2025’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में बिहार सरकार के कला, संस्कृति और युवा विभाग ने एक विशेष कार्यक्रम किया। इसमें बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर हुई। इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक फिल्म दिखाई गई, जिसमें आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान के साथ हुए अन्याय को दिखाया गया।
क्या बोले उपमुख्यमंत्री?
वहीं, सम्राट चौधरी ने कहा कि आपातकाल भारतीय संविधान की हत्या थी। उन्होंने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जो संविधान 26 नवंबर 1949 को दिया था, उसे 25 जून 1975 को कुचल दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया, लेकिन सत्ता के लालच में एक पार्टी ने उसे कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत फिर से ताकतवर बन रहा है। सम्राट चौधरी ने युवाओं से अपील की कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सजग रहें और देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
बिहार की भूमिका और संदेश
सम्राट चौधरी ने कहा कि आपातकाल का दौर आज के युवाओं के लिए एक सीख है। अगर आज के युवा जागरूक नहीं होंगे, तो फिर से लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जेल में रहते हुए संकल्प लिया था कि बिहार में महिलाओं को 50% आरक्षण देंगे, जो आज हकीकत बन चुका है।