राज्य सरकार ने बिहार में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं देने और पशु चिकित्सा क्षेत्र को तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बताया कि पटना में बिहार पशु चिकित्सा परिषद् के लिए नया प्रशासनिक भवन, अतिथि भवन और एक कॉन्फ्रेंस हॉल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में कुल 27.68 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
भवन निर्माण के लिए भूमि और बजट की मंजूरी
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि भवन निर्माण हेतु पटना में एक एकड़ 16 डिसमिल भूमि के उपयोग की स्वीकृति मिल चुकी है। इस भूमि पर बिहार पशु चिकित्सा परिषद् के तहत G+1 प्रशासनिक भवन, G+2 अतिथि भवन और एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए समर्पित ले-आउट प्लान और तकनीकी अनुमोदन के साथ प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है।
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पशुपालकों को होगा सीधा लाभ
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह निर्णय केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे राज्य के लाखों पशुपालकों को आधुनिक और सुलभ पशु स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। पशु चिकित्सकों को बेहतर कार्य सुविधा और प्रशिक्षण का माहौल उपलब्ध होगा, जिससे सेवाएं अधिक प्रभावशाली बनेंगी।
तकनीकी विकास और शोध को मिलेगा बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भवन पशु चिकित्सकों को न केवल एक प्रशासनिक प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा, बल्कि यह तकनीकी उन्नयन और पेशेवर विकास का केंद्र भी बनेगा। यहां नियमित सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और शोध कार्यों से अवगत कराया जा सकेगा।
निबंधन और नियमन को मिलेगा संस्थागत स्वरूप
बिहार पशु चिकित्सा परिषद् का मुख्य उद्देश्य राज्य में कार्यरत पशु चिकित्सकों के निबंधन को वैधानिक मान्यता प्रदान करना और उनके कार्यों को संस्थागत रूप देना है। नए भवन के माध्यम से यह कार्य और भी व्यवस्थित और पारदर्शी रूप में संचालित होगा।
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सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत कृषि और पशुपालन क्षेत्र को आत्मनिर्भर एवं व्यवसायिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। परिषद् का नया भवन न केवल पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक बुनियादी संरचना की कमी को पूरा करेगा, बल्कि यह आने वाले वर्षों में पशुपालकों और चिकित्सकों दोनों के लिए एक सशक्त संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा।