नालंदा जिले के राजगीर में फर्जी और अवैध रूप से संचालित ग्लेज ट्रेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (ग्लोबल कंपनी) के ठिकाने पर गुरुवार को डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में राजगीर थाना पुलिस ने छापेमारी किया। यह कंपनी राजगीर में पिछले कई वर्षों से ग्लोबल कंपनी के नाम से संचालित है, जो सुदूरवर्ती ग्रामीण और बेरोजगार युवाओं, युवतियों को दवा कंपनी में काम दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लोगों से पैसे का ठगी करता है।
ठगी के शिकार हुए युवकों नें बताया कि प्रत्येक युवक से पहले 15 से 20 हजार रुपये जमा कराया जाता है। फिर उसे छह महीने तक ट्रेनिंग के नाम पर हर माह पांच हजार रुपये रहने खाने-पीने और ट्रेंनिंग के नाम पर लिया जाता है। परंतु वास्तविक में यह कोई दवा कंपनी नहीं है। एक बार जो युवक यहां फंस जाता है, उसे वापस जाने नहीं दिया जाता है। उससे अन्य युवकों को फंसाकर यहां बुलाने का दबाव बनाया जाता है। फिर उससे भी ठगी किया जाता है। कोई युवक अगर वापस जाना चाहता है तो उसे बंधक बना लिया जाता है।
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सुपौल जिला के दुधौली थाना निर्मली के रामप्रसाद पंडित ने आरोप लगाया कि मेरे दो बेटे सत्येन्द्र पंडित और पाण्डव पंडित को कुछ लोग दवा कंपनी में नौकरी के नाम पर राजगीर बुलाया और फिर बंधक बनाकर रखे हुए हैं। इसके बाद उक्त कंपनी के ठिकाने पर छापेमारी किया गया, जहां से आरोपित दो लोग विरेंद्र कुमार और रामनाथ कुमार को हिरासत में लेते हुए ठगी के शिकार 80 लोगों को मुक्त कराया गया।
उन्होंने कहा कि इन सारे युवकों का नाम पता सत्यापन कर इनके अभिभावक को सूपूर्द कर दिया जाएगा। कहा कि इस ठगी गिरोह के मुख्य सरगना का पता लगा कर उस पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इस छापेमारी अभियान में थानाध्यक्ष रमन कुमार, नीरज कुमार, काजल कुमारी, भानु प्रताप, सरफराज सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।