जदयू ने मंगलवार को साफ कर दिया कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे। यह बयान उस समय आया, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक दिन पहले कह दिया था कि बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी चुनाव में जीत दिलाएंगे।
विपक्ष ने सैनी के इस बयान को लेकर बीजेपी पर हमला बोल दिया और कहा कि बीजेपी अपने सहयोगियों की अनदेखी कर रही है। वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने सैनी के बयान को ज्यादा तवज्जो न देते हुए कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर एनडीए में कोई विवाद नहीं है। सैनी ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि बीजेपी की जीत का सिलसिला जारी रहेगा और बिहार में यह जीत सम्राट चौधरी की अगुवाई में मिलेगी।
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प्रसाद ने साफ कहा, "बिहार विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और वहीं एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। चुनाव के बाद जो सरकार बनेगी, उसमें नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे और 2030 तक का पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहले इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं। साथ ही विपक्षी INDIA गठबंधन पर तंज कसते हुए बोले कि जैसे बाकी राज्यों में यह गठबंधन बिखर गया है, वैसे ही बिहार में भी इसका हाल बुरा होगा।
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राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि भले ही आरजेडी ने तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया हो, लेकिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने हाल में कहा था कि विपक्षी गठबंधन बिहार में अपने नेता का नाम चुनाव के बाद तय करेगा।
तेजस्वी को खाली हाथ लौटना पड़ा
उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिलने गए थे, तो उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा। प्रसाद ने भरोसा जताया कि आने वाले चुनाव में एनडीए को बिहार में अब तक की सबसे बड़ी जीत मिलेगी।