बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को राहत देते हुए गेहूं की सरकारी खरीद की समयसीमा 15 जून 2025 तक तय की है। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,425 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने एक अप्रैल 2025 से गेहूं की खरीद प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है, जो रबी विपणन मौसम 2025-26 के तहत संचालित की जा रही है।
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तेजी से मिल रहा भुगतान
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जा रहा है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि वे बिचौलियों के जाल में फंसने से भी बच रहे हैं।
कहां और कैसे करें गेहूं की बिक्री
राज्य सरकार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) और प्रखंड स्तर के व्यापार मंडलों के माध्यम से गेहूं की खरीद रही है। इसके अलावा, भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा भी कुछ स्थानों पर खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों को अपने नजदीकी केंद्र पर ही सुविधा मिल रही है, जिससे परिवहन खर्च भी कम हो रहा है।
ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
गेहूं की बिक्री के लिए किसानों को पहले कृषि विभाग के पोर्टल
www.dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद सहकारिता विभाग के पोर्टल
https://esahkari.bihar.gov.in पर आवेदन जमा कर वे अधिप्राप्ति प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
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‘किसानों को मिले फसल का पूरा मूल्य’
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि किसान अपनी मेहनत की उपज का पूरा मूल्य प्राप्त करें और उन्हें किसी भी प्रकार की दलाली या अनावश्यक कमीशन से मुक्ति मिले। सरकारी खरीद के तहत किसान अब आत्मनिर्भर हो रहे हैं और MSP की गारंटी से उन्हें वित्तीय सुरक्षा भी मिल रही है।