बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का चुनाव के बाद पहला पूर्ण बजट है। इस बजट में कला एवं संस्कृति विभाग को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई, जिससे राज्य में पारंपरिक और आधुनिक कलाओं को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना
राज्य सरकार ने कला के क्षेत्र में जीवन भर योगदान देने वाले वरिष्ठ, उपेक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए 'मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र कलाकारों को 3,000 रुपये प्रति माह पेंशन सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके। अब तक पटना, सारण, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, बांका, भोजपुर, अररिया, जहानाबाद और किशनगंज जिलों के 85 कलाकारों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना
इस योजना के तहत अनुभवी कलाकारों को 'गुरु' और युवाओं को 'शिष्य' बनाकर पारंपरिक लोक कला, संगीत, नृत्य और वादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार द्वारा गुरु को 15,000 रुपये, संगतकार को 7,500 रुपये और शिष्य को 3,000 रुपये प्रति माह सहायता दी जा रही है।
अटल कला भवन निर्माण योजना
राज्य सरकार ने सांस्कृतिक गतिविधियों को जिला स्तर पर संस्थागत रूप से बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'अटल कला भवन निर्माण' योजना के तहत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 620 दर्शक क्षमता वाले आधुनिक अटल कला भवन का निर्माण शुरू किया है। सारण, गया, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, मुंगेर और दरभंगा में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। लखीसराय और बांका में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि नवादा, शेखपुरा, अरवल, बक्सर, कैमूर (भभुआ), सिवान और अररिया में कार्य प्रक्रियाधीन है।
बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप
वैशाली की ऐतिहासिक भूमि पर 550.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित "बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप" का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है और इसे आम जनों के लिए सुलभ किया गया है।
बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति, 2024: इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप राज्य में 30 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री परियोजनाओं को शूटिंग की अनुमति प्रदान की गई है। फिल्म और नाट्य के क्षेत्र में 20 मेधावी युवाओं को कुल 13.53 लाख रुपये छात्रवृति प्रदान की गई है। इससे बिहार के युवा राष्ट्रीय स्तर की कला शिक्षा प्राप्त कर राज्य की रचनात्मक पहचान को और सशक्त बनाएंगे।
'ज्ञान भारतम्' मिशन और पाण्डुलिपि संरक्षण: 'ज्ञान भारतम्' मिशन के अंतर्गत पाण्डुलिपि संरक्षण के लिए संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन किया गया। इस मिशन का उद्देश्य भारत की विशाल पाण्डुलिपि विरासत को संरक्षित, डिजिटाइज और प्रसारित कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए ज्ञान को सुलभ बनाना है। बजट में इन पहलों से न केवल कलाकारों और युवाओं को सहारा मिलेगा, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक कला को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा