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Budget 2026: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी; आधुनिक अस्पतालों के विकास

Tue, 03 Feb 2026 05:50 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी है। मातृ मृत्यु अनुपात, शिशु मृत्यु दर और नवजात शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
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बिहार बजट 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार का चुनाव के बाद पहला पूर्ण बजट है।
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार

राज्य सरकार मातृ मृत्यु अनुपात और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए मिशन मोड में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर रही है। परिणामस्वरूप SRS 2023 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य का मातृ मृत्यु अनुपात घटकर 104 हो गया है। शिशु मृत्यु दर 23, नवजात शिशु (जन्म से 28 दिन) मृत्यु दर 18 और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का मृत्यु दर 27 हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

प्रखंड स्तर पर विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र

सात निश्चय-3 के तहत “सुलभ स्वास्थ्य - सुरक्षित जीवन” योजना के अंतर्गत प्रखंड स्तर पर संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें हड्डी रोग, नेत्र रोग और कान, नाक एवं गले के रोगियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित किए जा रहे हैं। जिला अस्पतालों को अतिविशिष्ट चिकित्सा केन्द्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
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महत्त्वपूर्ण अस्पतालों का विकास

पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल को विश्वस्तरीय अस्पताल के रूप में उन्नयन के क्रम में प्रथम चरण में 1,100 बेड वाले दो टावर कार्यशील कर दिए गए हैं। दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का पुनर्विकास 2,546.41 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। राज्य के पांच जिलों पूर्णिया, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण (छपरा) में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण कर जन-उपयोग के लिए समर्पित किया गया है। वहीं 10 जिलों  मधुबनी, वैशाली, सिवान, जमुई, भोजपुर, बक्सर, बेगूसराय, सुपौल, मुंगेर और सीतामढ़ी  में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

सिर, मुंह और गर्दन के कैंसर रोगियों के इलाज के लिए गंगवारा, दरभंगा में नवनिर्मित 100 शय्या वाले अस्पताल में कैंसर उपचार शुरू किया गया है। मुजफ्फरपुर में 100 शय्या वाले पैलियेटिव केयर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एडवांस स्टेज के कैंसर रोगियों की देखभाल में सुविधा होगी।

देशी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा

देशी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा 803.89 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा एवं बेगूसराय में आयुर्वेदिक कॉलेज, मुजफ्फरपुर में होमियोपैथिक कॉलेज और पटना में तिब्बी कॉलेज का भवन निर्माण कराया जा रहा है।

सुपर स्पेशियलिटी और आधुनिक अस्पताल

पटना के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्तपाल, राजवंशीनगर को 400 शय्या के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने हेतु 215 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। स्वास्थ्य शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए पटना के मीठापुर में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नए और आधुनिक भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

नेत्र चिकित्सा में विशेष सुविधा

राज्य में आमजनों को नेत्र की विशिष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लोक-निजी भागीदारी के तहत शंकरा आई फाउण्डेशन इंडिया, कोयम्बटूर द्वारा अतिविशिष्ट नेत्र अस्पताल, कंकड़बाग, पटना का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूर्ण होने पर गरीब नेत्र रोगियों को मुफ्त में उपचार उपलब्ध होगा।

जन-आरोग्य योजना और बाल हृदय योजना

प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना के तहत अब तक लगभग 1.69 करोड़ परिवारों के लगभग 4.12 करोड़ पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है। "बाल हृदय योजना" के अंतर्गत इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में बच्चों का सफल इलाज किया जा रहा है। अब तक कुल 2,705 बच्चों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया जा चुका है।

दवाओं की उपलब्धता

स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की आवश्यक सूची अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लगभग 100 प्रकार की दवाएं और सदर अस्पतालों में 350 से अधिक प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इसी प्रयास का परिणाम है कि भारत सरकार के केंद्रीय डैशबोर्ड पर औषधियों की आपूर्ति एवं वितरण में बिहार ने सितम्बर, 2024 से प्रथम स्थान बनाए रखा है।
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2025 में स्वास्थ्य विभाग को लेकर हुए थे ये एलान - फोटो : अमर उजाला

पिछले बजट में स्वास्थ्य विभाग को मिला था ये

पिछले साल 2025 के बजट में बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता दी थी। एम्स दरभंगा के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 187.44 एकड़ भूमि हस्तांतरित की, जिससे इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति मिली। इसके साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना के तहत कुल 199 केंद्रों के लिए 258.70 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया।

सरकार ने 19 गैर-आच्छादित अनुमंडलों में अनुमंडलीय अस्पतालों को स्वीकृति दी, जिनमें से 13 का निर्माण कार्य पूरा किया गया। वहीं, 25 सदर अस्पतालों को मॉडल अस्पताल के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दी गई, जिनमें से 13 अस्पतालों का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया। इसके अलावा 22 मातृ एवं शिशु अस्पतालों को स्वीकृति मिली, जिनमें भागलपुर, पटना सहित 18 जिलों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कैंसर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत पूर्णिया, पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू की गई। साथ ही सिर, मुंह और गर्दन के कैंसर मरीजों के लिए 100 शय्या वाले अस्पताल का निर्माण दरभंगा के गंगवारा में पूरा कर लिया गया।

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