बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति भर्ती व्यवस्था की समीक्षा कर उम्र, पात्रता, परीक्षा-साक्षात्कार और गेस्ट लेक्चर से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देगी। उसे 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
बिहार राज्य के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार के सुझाव देने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। गौरतलब है कि 24 अगस्त 2026 को राज्यपाल और 'ऑल Ph.D. होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन' के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच हुए समझौता हुआ था। अब इसके तहत सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार के सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया है।
इस समिति में पूर्व आईएएस अमरजीत सिन्हा, पूर्व आईएएस संजय कुमार, पद्म पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर एच.सी. वर्मा और डॉ. पी.के. रॉय को शामिल किया गया है। समिति में राज्यपाल सचिवालय के अतिरिक्त सचिव (विश्वविद्यालय) संजय कुमार समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
समिति असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी। इसमें उम्र, पात्रता मानदंड, परीक्षा एवं साक्षात्कार का स्वरूप और गेस्ट लेक्चर से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। समिति अधिसूचना जारी होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर बिहार लोक भवन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में समिति के निष्कर्ष और विशिष्ट, अमल में लाने योग्य सिफारिशें शामिल होंगी।