बिहार विधानसभा में बीते सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार से आहत विधानसभा स्पीकर विजय कुमार सिन्हा आज सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। विजय कुमार सिन्हा की जगह प्रेम कुमार आसन पर बैठे। उनके नहीं पहुंचने से अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि भाजपा और जदयू के बीच मतभेद होना तय है। इतना ही नहीं स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में आए विपक्ष के नेताओं ने बिहार विधानसभा परिसर में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। वहीं इस बीच जानकारी आ रही है कि जदयू मामले को शांत करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को मनाने की कवायद शुरू कर दी है।
जदयू का भाजपा पर निशाना
वहीं इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर जेडीयू के कई प्रवक्ताओं ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में जेडीयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने भी ट्वीट कर भाजपा पर हमला बोला है। अजय आलोक ने कहा कि छड़ी को उतनी ही मोड़नी चाहिए जब तक वो टूटे ना क्योंकि टूट गयी तो कहानी खत्म और मोड़ने के चक्कर में हाथ से फिसल गयी तो खुद को बहुत जोर से चोट लगती है। शत्रुओं को मौका मत दे, आत्मविश्वास अच्छी चीज है लेकिन अति आत्मविश्वास विनाश का परिचायक है। अजय आलोक इतना पर ही नहीं रुके उन्होंने आगे भी भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1985 से संसदीय परंपराओं का आदर्श निर्वहन करने वाले नीतीश कुमार को अब लोग परंपरा सिखाएंगे ? अपने कनिष्ठ(विधान सभा स्पीकर) को सही चीज समझाना चाहिए खासकर जब वो उच्च पद पर हो इससे पद की गरिमा कम नहीं होती बल्कि व्यक्ति में निखार आता हैं , सनसनी फैलाने से कुछ नहीं होगा।
सीएम नीतीश ने लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया: तेजस्वी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन के संरक्षक को हुक्म देकर विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है। स्पीकर पर उंगली उठाना और संविधान के बारे में सबक देना अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री आज सदन में माफी मांगे।
क्या है मामला?
बिहार विधानसभा में सोमवार को सीएम नीतीश कुमार और विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के बीच जमकर कहासुनी हो गई। नीतीश कुमार को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने स्पीकर को अड़े हाथ लेना शुरू कर दिया। सीएम नीतीश ने कहा कि सदन ऐसे नहीं चलेगा यह संविधान से ही चलेगा। दरअसल, यह पूरा मामला लखीसराय में हुई एक घटना से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले लखीसराय में सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया था। युवक पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप था। कथित तौर पर गिरफ्तार व्यक्ति स्पीकर विजय सिन्हा का करीबी है। स्पीकर का कहना है कि इस घटना में पुलिस खानापूर्ति कर रही है और जानबूझ कर उसे फंसाया जा रहा है। नीतीश कुमार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि, हमारी सरकार न तो किसी को बचाती है और न ही फंसाती है।