बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का असर अब बिहार में कम हो गया है। पटना समेत कई जिलों में रविवार की सुबह धूप निकली है। आसमान साफ हैं। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार को पटना में आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया था। बेली रोड समेत कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो गई थी। इतना ही नहीं मूसलाधार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में घुटने भर पानी भर गया था। हालांकि, मौसम विभाग ने आज भी कई जगह बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, मधुबनी, सहरसा, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल में बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में अनेक स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखुपरा, लखीसराय, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर तक बारिश की स्थिति बनी रहेगी।
कई जिलों में बाढ़ का खतरा, सुपौल के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात
बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर कोसी नदी के जलप्रवाह पर दिखने लगा है। कोसी और गंडक नदी उफान पर है। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, सहरसा, अररिया के कई गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में निचले इलाके के करीब 350 से अधिक घर डूब चुके हैं। सुपौल में 50 से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। जल संसाधन की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
मुजफ्फरपुर में तटबंध टूटा, गांवों में फैलने लगा पानी
रविवार की अहले सुबह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड की रक्सा पंचायत में तिरहुत मुख्य नहर की पक्की सड़क के पास करीब 40 फीट तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने के बाद लबालब भरी नहर का पानी तेजी से आसपास के गांवों और खेतों में फैलने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूट गया था। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने मड़वन प्रखंड के अधिकारियों और जल संसाधन विभाग को दी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू कराया। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही तेज बारिश और नहर में पानी के दबाव के कारण तटबंध टूटने की घटना हुई।
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पटना में बारिश के कारण जलजमाव से लोग परेशान
पटना में पिछले तीन दिनों तक हुई बारिश के कारण कई इलाकों में सड़के जलमग्न हो गईं हैं। इस कारण सड़क पर बने गड्ढों के कारण लगातार हादसे हो रही है। राजीव नगर, एजी कॉलोनी, कृषि नगर, गोला रोड, न्यू बायवास, 70 फीट, कंकड़बाग समेत कई जगह अलग अलग कामों के लिए सड़कें क्षतिग्रस्त की गई। इस कारण गड्ढे बन गए। अब बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
पटना में 30 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में अगले पांच दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे के बारिश के आसार हैं। इसके बाद 28 सितंबर को भी बारिश की संभावना है, जबकि 29 और 30 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
- 27 सितंबर को भी आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
- 28 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादल वाला रहेगा। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
- 29 सितंबर को पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
- 30 सितंबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।