पुल का हिस्सा गिरने के बाद राहत-बचाव कार्य चल रहा।
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बिहार में पुल पर हंगामा रुकेगा नहीं, यही लगता है। अब एक और पुल का हिस्सा गिर गया है। निर्माणाधीन पुल का। यह पुल गंगा नदी पर बन रहा है। बख्तियारपुर-ताजपुर गंगा सेतु पर शनिवार को यह हादसा हुआ। पुल पर बेयरिंग जॉइंट (Bearing Joint) खोलने के दौरान निर्माणाधीन संरचना का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिरने की सूचना समस्तीपुर और पटना जिला मुख्यालय तक पहुंचाई गई है। घटना के कारण मौके पर अफरातफरी मच गई। चीख-पुकार के बाद पता चला कि कई मजदूर घायल हैं। हिस्सा गिरने और निर्माण कार्य में लगी मशीनों के भड़कने के कारण मजदूरों में भगदड़ की स्थिति बन गई। घटना की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम के साथ अधिकारी निकल चुके हैं।
सेटरिंग पेल होने से स्लैब का एक हिस्सा गिरा
समस्तीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन परियोजना के तहत गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल पर निर्माण कार्य के दौरान सेंटरिंग फेल होने से स्लैब का एक हिस्सा गिर गया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन के 38 नंबर पिलर के पास यह हादसा हुआ। अचानक सेंटरिंग ढहने से स्लैब नीचे गिर पड़ा और उसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।
डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत पहुंची, घायलों को भर्ती कराया
हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। चार घायल मजदूरों को इलाज के लिए शाहपुर पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि कुछ अन्य घायलों का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। यह पुल उत्तर व दक्षिण बिहार जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता आगे चलकर बनेगा। पिछले कई वर्षों से इसपर लगातार कार्य चल रहा है। इस घटना के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। निर्माण कंपनियों पर कार्य को लेकर सुरक्षा के मानक पर भी सवालिया निशान खड़ा हो रहा है।
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जानिए इस मामले में सरकार ने क्या कहा?
इस मामले में सरकार की ओर से कहा गया कि चार जुलाई को सुबह लगभग नौ बजे बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना के P-38 पिलर पर निर्माण कार्य के दौरान उपयोग की जा रही CFT मशीन के एक हिस्से में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उसके नीचे लगी ट्रे एक ओर झुक गई। इस घटना में वहां कार्यरत चार श्रमिक घायल हुए। सभी घायल श्रमिकों को तत्काल उपचार के लिए भेजा गया है और उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। विभाग उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहा है। राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग के लिए श्रमिकों का जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। घटना के तुरंत बाद संबंधित स्थल पर आवश्यक तकनीकी जांच एवं मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।