पटना पुलिस ने बिल्डर हत्याकांड में बड़ा खुलासा किया।
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पटना पुलिस ने बिल्डर आलोक कुमार हत्याकांड में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने खुलासे किए वह चौंकाने वाले हैं। पटना पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि आलोक कुमार के पूर्व बिजनेस पार्टनर मंटू शर्मा के भाई संजीव कुमार ने इस हत्या की साजिश रची थी। संजीव को लगता था कि उसके भाई और पिता की हत्या आलोक कुमार ने ही करवाई है। प्रतिशोध लेने के लिए संजीव ने साजिश रची। इसके लिए उसने 10 लाख की सुपारी भी दी थी।
दस लाख रुपये का सुपारी देकर करवाई हत्या
पुलिसिया पूछताछ में संजीव कुमार उर्फ छोटे ने बताया कि पिछले साल 13 दिसंबर को अपराधियों ने घर घुसकर मेरे बड़े भाई मंट शर्मा और पिता सुधीर कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें मैं भी गोली लगने से जख्मी हो गया था। मंटू शर्मा एवं आलोक कुमार दोनों विजनेस पार्टनर थे। पुलिस के अनुसार, मंटू शर्मा की हत्या के बाद संजीव कुमार को लगता था कि आलोक कुमार द्वारा बिजनेस में लगे करोड़ों रुपये हड़प लिया है। संजीव लगातार इसका विरोध करता था। करीब ढाई माह पहले संजीव कुमार को पता चला कि आलोक कुमार उसके और उसके परिवार की हत्या का साजिश कर रहा है। इसी लिए बदले का भावना से ग्रसित होकर संजीव कुमार उर्फ छोटे द्वारा दस लाख रुपये का सुपारी देकर साजिश के तहत आलोक कुमार का हत्या करवाई गई।
10 नवंबर को अपराधियों ने मारी थी गोली
10 नवंबर को दीघा-खगौल नहर रोड में कोथवां मोड़ के उत्तर करीब 50 मीटर मुख्य सड़क पर दो बाइक पर सवार 6 अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा आलोक कुमार की हत्या कर दी थी। आलोक अपने ड्राइवर सूरज कुमार के साथ घर से निकलकर कार से नहर रोड होते राजाबाजार धनतेरस का सामान खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने गाड़ी रुकवाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इसके बाद पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने फौरन स्पेशल टीम का गठन किया। वैज्ञानिक अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आलोक कुमार समेत 5 पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने हथियार और कारतूस भी बरामद किए।