नेपाल में पिछले महीने दो बार आए भूकंप ने जो नहीं किया, वह शुक्रवार की रात हो गया। काठमांडू से 334 किलोमीटर दूर धरती के 10 किलोमीटर अंदर भूकंप का केंद्र था। वहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 थी ओर समय 11:32 बजे रात था। इसका असर भारत के एक बड़े हिस्से तक था। राजधानी दिल्ली तक हिल गई। वैसे, देश में सबसे ज्यादा असर नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश के जिलों में था, जहां काफी देर तक लोगों ने कंपन महससू किया। ऊंची बिल्डिंग के लोग रात में घंटों बाहर रहे। सुबह तक नेपाल में सौ से ज्यादा मौतों की पुष्टि की खबर आ चुकी है, ऐसे में सीमावर्ती बिहार के जिलों का हाल जानना भी जरूरी है।
औरंगाबाद में दो बार महसूस हुए झटके
औरंगाबाद में शनिवार को रात 11 बजकर 32 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके बाद करीब 12.04 बजे दो सेकंड के लिए भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया। भूकंप का झटका अनुमानतः 8-10 सेकेंड के लिए महसूस किया गया। हालांकि अधिकांश लोगों को यह महसूस नही हुआ क्योकि वें उस वक्त सो चुके थे और नींद में थे। जागे हुए लोगों ने महसूस किए भूकंप के झटके-औरंगाबाद निवासी एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि वे जागे हुए थे और सोफे पर बैठकर मोबाइल देख रहे थे। इस वजह से भूकंप के झटके को उन्होने महसूस किया। कुछ देर के लिए घर का पंखा बंद रहने के बावजूद अचानक से हिलता-डुलता दिखा। झटका महसूस करने के बाद वें तत्काल घर से बाहर निकले।
पूर्वी और पश्विमी चंपारण में भी आया भूकंप
नेपाल में आए भूकंप के झटके का असर भारत नेपाल से सटे सिमाई जिला पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में महसूस किया गया, रात्रि करीब 11:34 बजे झटका महसूस किया गया। सभी डर से घर से बाहर निकल गए, लेकिन कुछ ही छन में सब कुछ समान हो गया, इस झटके से सिमाइ इलाको को कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। जान माल की हानि नहीं हुई है। बेतिया और बगहा इलाके में भूकंप भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
गोपालगंज के कई हिस्सों में भूकंप के झटके
गोपालगंज में शुक्रवार की देर रात कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप शुक्रवार की रात 11 बजकर 34 मिनट पर आया था। नेपाल से सटे गोपालगंज जिले के सभी क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता कम थी। इसलिए अभी तक कोई नुकसान या किस के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। महज कुछ सेकेंड के लिए धरती के हिलने से लोगों में दहशत का माहौल कायम हो गया है। भोरे प्रखंड की मिश्रौली गांव में ग्रामीण दिवाकर दूबे, चंद्रभान सिंह, बेचू अंसारी, चंद्रशेखर पांडेय, कौशल किशोर सिंह, कमलेश प्रसाद, राजेश साह आदि लोगों ने बताया कि रात में भूकंप के झटके महसूस हुए, तब से भूकंप को लेकर दहशत का माहौल है। भय यह सता रहा है कि फिर दुबारा तिब्र गति से भूकंप न आ जाय।