बिहार में शराबबंदी का मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही पटना में शराब की कुछ खाली बोतलें मिली थीं। इसके बाद से ही नीतीश सरकार पर सवालिया निशान उठाए जाने लगे थे। विपक्ष भी राज्य सरकार पर हमलावर हो गया था। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पटना में शराब की खाली बोतलें मिलने की घटना की जांच की जा रही है। दोनों एंगल से जांच की जा रही है कि कहीं किसी ने वास्तव में शराब पी है या फिर बोतल को इलाके में फेंक दिया गया है। अधिकारी अलर्ट पर हैं।
जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश ने जाति आधारित जनगणना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी और उसमें सहमति के आधार पर फैसला लिया जाएगा। हमलोग इसे करना चाहते हैं, हमने आपस में बात कर ली है। सभी से बात होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक तौर पर हम पहले ही से जातीय जनगणना के पक्ष में हैं। इसलिए सर्वदलीय बैठक करना चाहते हैं ताकि इस संबंध में सबकी समझ स्पष्ट हो। सर्वदलीय बैठक में जो राय बनेगी उसके आधार पर फैसला होगा और सरकार उसका एलान करेगी।
राज्य में शराबबंदी के बावजूद शराब की खाली बोतलें मिलने के संबंध में मीडिया पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में होने वाले अच्छे कार्यों की खबर दिल्ली के अंग्रेजी अखबारों ने नहीं छपती है, लेकिन ऐसी नकारात्मक घटनाओं की खबर प्रमुखता से छपती है। उन्होंने कहा कि हमें सबकुछ समझ आता है, लेकिन हम कुछ नहीं कहते हैं। लेकिन समझते हैं कि कुछ तो है।