फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Narendra Modi : पीएम मोदी का जन्म पिछड़ा वर्ग में नहीं; ललन सिंह ने अति पिछड़ों को साधते हुए कही बड़ी बात

Sun, 10 Sep 2023 04:55 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति को लेकर बड़ी बात कह दी। अति पिछड़ों को साधते हुए एक संबोधन में ललन सिंह ने यह बातें कही।
विज्ञापन
कार्यकर्ता सम्मान सह भोज कार्यक्रम में जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नालंदा में जदयू का कार्यकर्ता सम्मान समारोह सह भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह समेत  सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत कई मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। कई राज्यों में तो अति पिछड़ा वर्ग है ही नहीं। जो देश के प्रधानमंत्री हैं वह भी कई बार अति पिछड़ा बन जाते हैं। ललन सिंह ने कहा कि गुजरात में तो अति पिछड़ा वर्ग है ही नहीं, गुजरात में पिछड़ा वर्ग है। जिस समाज में जिस जाति में वह पैदा लिए उस समय वह पिछड़ा वर्ग नहीं था। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उस जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया।

विज्ञापन


ड्रामा कर रहे हैं प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री देश नहीं चला रहे बल्कि ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार बार यह कहा जाता है कि नरेंद्र मोदी बचपन में रेलवे स्टेशनों पर चाय बेचते थे, तो कोई यह भी तो बताये कि वह किस स्टेशन पर चाय बेचते थे। आज तक वह कभी नहीं बोले कि किस स्टेशन पर चाय बेचते थे।

इनका नाम लेकर गर्व महसूस करते हैं 
राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि हम सभी को अपने नेता नीतीश कुमार पर गर्व करना चाहिए कि आज तक उन पर कोई दाग नहीं लगा है। जहां पर भी हम उनका नाम लेते हैं हमें गर्व की अनुभूति होती है, और लोग सम्मान के साथ नीतीश कुमार जी का नाम लेते हैं। ललन सिंह ने कहा कि आज बिहार में जो काम काम हुआ है उसका अनुकरण देश के कई अन्य राज्य कर रहे हैं। बिहार पहला राज्य है जहां 20% अति पिछड़े लोगों को पंचायती राज व्यवस्था में लाने का काम किया, जिसका अनुकरण कई राज्यों ने किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें