नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के बीच विकास के मुद्दे को लेकर जारी जंग और दिलचस्प होती जा रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री की पहल पर एक प्रमुख कंपनी ने पटना में डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है। देश में हीरों के कारोबार से जुड़ा औद्योगिक केंद्र सूरत है, जो मोदी के गुजरात का एक प्रमुख किला माना जाता है।
सियासी बिसात पर इसे नीतीश की नई चाल माना जा रहा है, जो बीते कुछ वक्त से नरेंद्र मोदी पर लगातार हमले बोल रहे हैं।
श्रेनुज एंड कंपनी ने राज्य में पहली डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग यूनिट लगाई है। इसके लिए बिहार के 150 कर्मचारियों को सूरत से लाया गया है, जो वहां बीते कई बरस से काम कर रहे थे।
15 देशों में काम करने वाली कंपनी के सीएमडी श्रेयस के दोशी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, मुंबई और सूरत के बाद पटना यूनिट कंपनी की पांचवीं इकाई है।
बिहार में डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट बनने से नीतीश को काफी मजबूती मिली है, उनके विरोधी राज्य में उद्योगों को ज्यादा तरजीह न देने पर लगातार हमले कर रहे थे।
इस हमले की अगुवाई आरजेडी के प्रमुख लालू यादव कर रहे हैं, जिनका कहना है कि नीतीश राज्य में सुई का एक कारखाना तक लगाने में भी नाकाम रहे हैं।
इस यूनिट ने नीतीश को जवाबी हमले के लिए तरकश में तीर दे दिए हैं। उन्होंने लालू का नाम लिए बिना कहा, 'कुछ लोगों का आरोप है कि राज्य में सुई बनाने का कारखाना तक नहीं लगा है। लेकिन अब यहां एक डायमंड यूनिट बन गई है।'
इसके अलावा उन्होंने डायमंड यूनिट के मामले में एक तीर से दो शिकार किए हैं। पहला, उद्योगों को आकर्षित करने की अपनी काबिलियत दिखाई और दूसरा, सूरत से कर्मचारियों को लौटाकर उन्होंने नरेंद्र मोदी को भी चुनौती दी है।
यह देखना दिलचस्प रहेगा कि हीरों से शुरू हुई यह नई जंग अब कहां तक जाती है।