नीट (NEET) यूजी पेपरलीक मामला पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुजीत कुमार सिन्हा की ओर अधिवक्ता विशाल सौरव ने याचिका दायर कर परीक्षा को रद्द कर इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। कहा गया है कि प्रश्न पत्र लीक होने के कारण लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में है। इसलिए इस परीक्षा को रद्द कर दी जाए। नए तरह से परीक्षा करवाई जाए और इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।
पांच मई को ली गई थी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से मेडिकल में दाखिले के लिए पांच मई को बिहार समेत देश भर में नीट (NEET) यूजी का इंट्रेंस एग्जाम लिया गया था। इसके बाद पेपरलीक होने की बात सामने आई थी। पटना पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। अब यह मामला पटना हाईकोर्ट पहुंचा है।
शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज
बता दें कि नीट यूजी के पेपरलीक होने की पुष्टि हो चुकी है। केंद्रीय एजेंसियों की सूचना पर पटना पुलिस ने शास्त्री नगर थाने में इसको लेकर एक प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। इतना ही नहीं पुलिस ने 13 संदिग्धों को हिरासत में भी लिया था। इनके पास स पुलिस को पेपर की स्कैन कॉपी भी मिली है। यह कॉपी दानापुर के लड़के के मोबाइल पर भेजी गई थी। इसके अलावा पूर्णिया में चार और हाजीपुर में एक फर्जी परीक्षार्थी भी धराया है। यह लोग दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे। बिहार पुलिस की टीम इस मामले की जांच में जुट गई है।