मुखिया प्रत्याशी जलेश्वर कोड़ा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के मुंगेर जिले से नक्सली द्वारा पंचायत उपचुनाव में नाम वापस न लेने पर प्रत्याशी को अगवा कर जहर पिलाकर मारने मामला सामने आया है। यह मामला जिले के धरहरा प्रखंड अंतर्गत आजीमगंज पंचायत का है। दरअसल, नक्सलियों ने दिसंबर 2022 में आजीमगंज पंचायत के मुखिया परमानंद टुड्डू की गला रेत कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद यहां मुखिया का पद रिक्त होने के बाद अब अजीमगंज में उपचुनाव हो रहा है। मुखिया पद के लिए उपचुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में हैं। इन्हीं में एक प्रत्याशी को नक्सली ने अगवा कर उसे जहर पिला दिया। इसके बाद प्रत्याशी जलेश्वर कोड़ा किसी तरह नक्सलियों के चंगुल से भाग गए थे। प्रत्याशी जलेश्वर कोड़ा की शनिवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
चुनाव से पहले सक्रिय हुए नक्सली
बिहार में पंचायत उपचुनाव 25 मई को होने वाले हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव से पूर्व नक्सलियों ने फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। उन्होंने मुंगेर में एक मुखिया प्रत्याशी को उपचुनाव में बैठ जाने (नाम वापस लेने) के फरमान को नहीं मानने पर उसे अगवा कर जहर देकर मारने की कोशिश की। इसके बाद मुखिया प्रत्याशी किसी तरह नक्सलियों के चंगुल से भाग निकला। उसके बाद से इलाज सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई।
सदर अस्पताल मुंगेर में चल रहा था मुखिया प्रत्याशी जलेश्वर कोड़ा का इलाज
अजीमगंज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया की नक्सलियों ने कर दी थी हत्या
मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड अंतर्गत अजीमगंज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुड्डू की नक्सलियों ने दिसंबर 2022 में घर से बुलाकर गांव के बीच चौराहे पर गला रेत कर हत्या कर दी थी। परमानंद टुड्डू की हत्या से रिक्त हुए मुखिया पद के लिए इस पंचायत में उपचुनाव के लिए 25 मई को मतदान होना है। इसके लिए अजीमगंज पंचायत में मुखिया पद के लिए चार प्रत्याशियों ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया। इनमें जलेश्वर कोड़ा, आजमगढ़ पंचायत के पूर्व मुखिया योगेंद्र कोड़ा और योगेंद्र कोड़ा का बेटा अमन कोड़ा और पूर्व मुखिया परमानंद टुड्डू की पत्नी रेखा देवी चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं चार प्रत्याशियों में से एक जलेश्वर कोड़ा को आज शनिवार की सुबह नक्सली घर से अगवा कर अपने साथ जंगल ले गए और उसे जहर दे दिया। हालांकि जलेश्वर कोड़ा नक्सलियों के चंगुल से फरार होने में कामयाब हो गया।
'पिछले साल नक्सलियों ने उन्हें चुनाव में बैठने को कहा था'
जलेश्वर कोड़ा की मौत से पहले उनकी पत्नी रमिया कोड़ा ने बताया था कि मेरे पति जलेश्वर कोड़ा ने मुखिया पद के प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है। पिछले साल नक्सलियों ने उन्हें चुनाव में बैठने को कहा था। हम लोग उस समय चुनाव नक्सलियों के कहने पर नहीं बैठे थे। लेकिन इस बार हम लोग चुनाव लड़ रहे हैं। इस कारण नक्सलियों ने हमारे पति को घर से बुलाकर जहर देकर मारना चाहा। भगवान का शुक्र है कि मेरे पति किसी तरह उसके चंगुल से भागकर घर आ गए। हम लोग आनन-फानन में उन्हें धरहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां डाक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, सदर अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर ने कहा कि मरीज की स्थिति गंभीर है, इलाज किया जा रहा है।
'नक्सलियों के गलत मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे'
मुंगेर के आरक्षी अधीक्षक ने जेजे रेड्डी ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है। जांच की जा रही है। आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत उपचुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा। प्रत्याशियों को अगर किसी तरह का भय है तो वह प्रशासन को आवेदन दें। आवेदन मिलने पर प्रत्याशियों को सुरक्षा गार्ड भी मुहैया कराया जाएगा। नक्सलियों के गलत मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। लगातार जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में कॉम्बिंग सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।