खबर मिलते ही सीएफ और डीएफओ घटनास्थल पर पहुंचे हैं
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बिहार के बेतिया के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा वन क्षेत्र में दो बाघों की वर्चस्व की लड़ाई में एक बाघ की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा वन क्षेत्र के S-55 में एक नर बाघ की मौत हो गई है। मारे गए बाघ की गर्दन, कंधे और पीठ में वर्चस्व की लड़ाई के घातक निशान मिले हैं।
फिलहाल वन कर्मी बाघ के शव को कब्जे में लेकर मंगुराहा में पोस्टमार्टम करा रहे हैं। वहीं, मंगुराहा वन क्षेत्र में बाघ की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। इधर, घटनास्थल की जांच में पग मार्ग देखकर बाघों के बीच हुए वर्चस्व कि लड़ाई में जबरदस्त खूनी संघर्ष का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना की सूचना के बाद सीएफ और डीएफओ सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचकर कैंप कर रहे हैं। जंगल में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बाघ के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।
दरअसल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सोमवार को वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि मंगुराहा वन क्षेत्र के S-55 में एक बाघ का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्र के अगल-बगल गांवों में इस बात की आशंका जाहिर की गई कि दो बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में खूनी संघर्ष में ये मौत हुई है। माना जा रहा है हिंसक लड़ाई में उसे (दूसरे बाघ को) भी गंभीर चोटें आई होंगी। रेंज का वन अमला बाघ की ट्रैकिंग में लगा हुआ है। वन विभाग की टीम लड़ाई में शामिल दूसरे बाघ की सर्चिंग में जुटी हुई है।
इधर, वन क्षेत्र के वन संरक्षक नेशामनीके ने बताया कि दो बाघों की वर्चस्व लड़ाई में एक सात साल के नर बाघ की मौत हो गई है। मौत के शिकार हुए बाघ के शरीर पर गंभीर जख्म हैं। पोस्टमार्टम मंगुराहा वन क्षेत्र में ही हो रहा है। वर्चस्व की लड़ाई दो बाघों के बीच किस जगह हुई मामले की जांच की जा रही है।