केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा
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मशहूर कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी के बाद उपजे विवाद पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। इसी सिलसिले में बिहार के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी राय रखते हुए अभिव्यक्ति की आजादी और व्यंग्य की मर्यादा पर टिप्पणी की है। वैशाली में अपने संसदीय दौरे पर पहुंचे चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मामले पर अपनी बात रखी।
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‘कॉमेडी कीजिए, व्यंग्य कीजिए लेकिन मर्यादा में’
कुणाल कामरा की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर चिराग पासवान ने कहा कि आप किसी पर बयान दीजिए, सटायर कीजिए, कोई आपत्ति नहीं है। एक से बढ़कर एक कॉमेडियन हुए हैं, जिन्होंने व्यंग्य के माध्यम से बड़ी बातें कही हैं। लेकिन अगर आप किसी को बदनाम करने की सोच से मजाक करते हैं, तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि कॉमेडी की सीमा तय होना जरूरी है, क्योंकि व्यंग्य और अपमानजनक भाषा में बड़ा अंतर है। चिराग ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर संवैधानिक पद पर बैठा है, तो उसके प्रति भी एक मर्यादा और गरिमा होनी चाहिए।
‘अभिव्यक्ति की आजादी की भी एक सीमा है’
चिराग पासवान ने इस मौके पर कहा कि मैं अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक का समर्थक नहीं हूं, लेकिन उसकी एक सीमा होती है। अभिव्यक्ति की आजादी वहीं खत्म हो जाती है, जहां दूसरे व्यक्ति की हानि शुरू होती है। किसी को बदनाम करने के लिए कॉमेडी करना न तो सही है और न ही इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति विशेष पर ऐसे कटाक्ष करना, जिससे उसका सामाजिक या राजनीतिक नुकसान हो, उसे किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
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‘समझना होगा कि सटायर कहां समाप्त होता है’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानून हर बात पर अंकुश नहीं लगा सकता, कुछ बातें इंसान को खुद समझनी होती हैं। आपको खुद तय करना होगा कि कहां सटायर समाप्त होता है और कहां से किसी की गरिमा पर चोट शुरू होती है। गौरतलब है कि चिराग पासवान का यह बयान उस समय आया है जब सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस जारी है। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहा है तो दूसरा पक्ष कह रहा है कि कॉमेडी की भी मर्यादा होनी चाहिए। जहां एक तरफ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कुणाल कामरा के दफ्तर में तोड़फोड़ कर अपना आक्रोश जताया, वहीं अब नेताओं की टिप्पणियों से यह मसला और गरमाता नजर आ रहा है।