चुनाव प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ एआईएमआईएम प्रत्याशी राणा रंजीत
- फोटो : अमर उजाला
बिहार में शिवहर लोकसभा सीट का चुनाव भी अब दिलचस्प होता जा रहा है। पहले एनडीए और महागठबंधन के बीच आमने-सामने की लड़ाई थी। लेकिन इस लड़ाई को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया इत्तेहादुल मजलिस ए मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की एंट्री ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। एआईएमआईएम के टिकट पर शिवहर के पूर्व सांसद दिवंगत सीताराम सिंह के सबसे छोटे बेटे राणा रंजीत सिंह को जाने से मामला अब त्रिकोणीय हो गया है।
अभिनंदन नामांकन यात्रा से चुनाव प्रचार का किया आगाज
शिवहर लोकसभा सीट से एआईएमआईएम के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे राणा रंजीत ने अपने पिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की। राणा रंजीत ने बंजरिया स्थित अपने पिता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि करने के बाद पदयात्रा की शुरुआत की। जहां काफी संख्या में उनके समर्थक घोड़ों के साथ आगे चल रहे थे। जैसे ही उनका काफिला मधुबन के डाकबंगला चौक पर पहुंचा, वहां उनके समर्थकों ने जेसीबी से फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया।
'वापस चले जाएं, जनता नहीं स्वीकारेगी'
इसके बाद राणा रंजीत ने बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माला चढ़ाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिवहर गार्जियन विहीन नहीं होगा, शिवहर की धरती दिवंगत रघुनाथ झा, दिवंगत सीताराम सिंह और दिवंगत अनवरुल हक का है। उन्होंने कहा कि हमेशा कोई मुंह उठा कर चले आते हैं। वह जहां से आए हैं, वहीं वापस चले जाएं। शिवहर की जनता उन्हें स्वीकार करने वाली नहीं है। यात्रा में मनीष कुमार विद्वान, अमित सिंह, छोटू सिंह, हेमंत कुमार, संतोष साह आदि शामिल थे।