मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उपेंद्र कुशवाहा तथा अन्य
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कई गंभीर मुद्दों पर अपने विचार रखे। बिहार यात्रा के तहत आयोजित इस सभा में कुशवाहा ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की बहाली की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए और इसे ‘गैर लोकतांत्रिक और गैर संवैधानिक’ करार दिया।
उपेंद्र कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि मैं सत्ता में रहा हूं, सदन में रहा हूं और सड़क पर भी जनहित के मुद्दों के लिए संघर्ष करता रहा हूं। मैं किसी भी मुद्दे को भूलता नहीं हूं। चाहे सत्ता में हूं या विरोध में, जनहित के सवाल हमेशा मेरे दिल में होते हैं।
जजों की नियुक्ति पर कॉलेजियम सिस्टम को बताया अनुचित
उपेंद्र कुशवाहा ने कॉलेजियम सिस्टम के तहत जजों की नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से आपत्तिजनक है। इसमें पूर्व से बहाल हुए जज ही अगले जज का चयन करते हैं, जो पूरी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इसमें पारदर्शिता की कमी है और यह प्रणाली कई तरह के सवाल खड़े करती है।
पिछड़ा वर्ग और दलितों की अनदेखी पर चिंता
राज्यसभा सांसद कुशवाहा ने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम में पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, दलित और महादलित समुदायों को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जहां सभी वर्गों को समान अवसर मिलते हैं, वहीं जज बहाली की इस प्रक्रिया में खास वर्गों को ही मौका दिया जा रहा है। यह सरासर गलत है और समाज के सभी वर्गों को इस पर आपत्ति है।
2025 के विधानसभा चुनाव के लिए जनता से की अपील
कुशवाहा ने अपने संबोधन में जनता से अपील कर कहा कि आप हमारे हाथों को मजबूत करें, आने वाले 2025 के विधानसभा चुनाव में हमें आपका समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं और आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।