मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र के राजेपुर ओपी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिपरा असली बिंदा साह स्कूल में बच्चों के मिड डे मील के दौरान मिली छिपकली के मामले की जांच तेज हो गई है। इस मामले में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, पीएम पोषण योजना एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पूरे मामले की जांच करें। इस बाबत जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार कर देने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि कल सोमवार को जिले के साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में सूचना मिली थी कि एक विद्यालय के भोजन में छिपकली गिरने की घटना सामने आई है। मौके पर जाकर जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया। जिसके बाद अधोहस्ताक्षरी एवं जिला साधन सेवी भूपेंद्र कुमार के साथ उक्त विद्यालय जाने हेतु मुख्यालय से रवाना हुए और शाम 5 बजकर 15 मिनट पर टीम अस्पताल पहुंची।
जानकारी लेने पर पता चला है कि विद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 97 है। घटना वाले दिन 71 बच्चे विद्यालय में उपस्थित थे। इस दौरान उक्त विद्यालय में तीन रसोइया मालती देवी, लक्ष्मी देवी एवं सीता देवी कार्यरत हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम राम ईश्वर कुमार है और चखना पंजी पर रसोइया मालती देवी एवं प्रधानाध्यापक के भोजन चखने के हस्ताक्षर अंकित पाए गए हैं।
मिड-डे मील में मिली मरी हुई छिपकली
घटना यह रही कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन में चावल एवं कद्दू मिला हुआ तड़का स्वयंसेवी संस्था नव प्रयास के प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराया गया, जिसे दो रसोइयों द्वारा प्राप्त किया गया। इस बाबत उक्त स्वयंसेवी संस्था द्वारा वीडियो भी बनाया गया। इसी दौरान वीडियो देखा गया, जिसमें एक रसोइया कलछुल से दाल चला रही है एवं दूसरी रसोइया ऊपर से चावल को हाथ फैलाकर देख रही है। बच्चों को खाने के लिए बैठाया गया। चार बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा गया। इसी दौरान भोजन में मरी हुई छिपकली नजर आ गई। इसके बाद तुरंत ही प्रधानाध्यापक द्वारा खाना परोसने से मना कर दिया गया और खाना फेंक दिया गया।
तीन एंबुलेंस के साथ स्कूल भेजी गईं
मामले की जानकारी के बाद ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों द्वारा ही थाना एवं अस्पताल में सूचना दी गई थी। इसकी सूचना मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से तीन एंबुलेंस के साथ एक मेडिकल टीम विद्यालय भेजी गई। जांच में तीन बच्चों के पेट में दर्द था और उल्टी जैसा महसूस हो रहा था, लेकिन उल्टी नहीं हुई। बच्चों के अभिभावक भयभीत हो गए एवं विद्यालय में जमा होकर सभी बच्चों को तीनों एंबुलेंस में भरकर अस्पताल लाया गया।
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जांच में बच्चों में फूड पॉइजनिंग नहीं मिली
पूरे मामले में साहेबगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. जी.के. गौतम द्वारा अस्पताल आए सभी बच्चों का इलाज किया गया। इस दौरान किसी भी बच्चे में अब तक की जांच में किसी भी प्रकार की फूड पॉइजनिंग नहीं पाई गई है।सुरक्षा और स्वास्थ्य के एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को ओआरएस का घोल भी पिलाया गया और फिर सभी बच्चों को शाम 5 बजे छोड़ दिया गया।
छिपकली कहां और कैसे गिरी, इसकी होगी गहन जांच
वहीं, मध्याह्न भोजन में छिपकली कहां और कैसे गिरी, इसकी गहन जांच करने की आवश्यकता है। इस मामले को विभाग बेहद गंभीरता से ले रहा है, ताकि मामले में दोषी को चिन्हित किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि किसके कारण ऐसी घटना घटित हुई है।
इस दौरान केंद्रीयकृत रसोईघर की भी जांच की गई। जांच के दौरान किचेन के मैनेजर हेमंत कुमार उपस्थित नहीं पाए गए। अन्य कर्मियों को साफ-सफाई एवं बर्तन में खाना पैक करने से पहले एक बार जरूर धोकर देखने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई कीड़ा-मकौड़ा पहले से बर्तन में न रहे। इस मामले को भी विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है।