सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर बाबा गरीबनाथ धाम में दर्शन-पूजन को लेकर भारी भीड़ उमड़ी। इस बीच वीआईपी दर्शन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि महिला पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक संस्था की सदस्य के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
घटना दोपहर के समय उस वक्त हुई जब मंदिर परिसर में जलाभिषेक का क्रम जारी था। बताया जा रहा है कि कुछ श्रद्धालु नियमों की अनदेखी करते हुए गर्भगृह में जबरन प्रवेश कर विशेष पूजा करना चाह रहे थे। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका, जिस पर स्वयंसेवक संस्था की एक सदस्य ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
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स्वयंसेवकों का आरोप है कि पुलिसकर्मी मनमाने तरीके से अपने परिचितों को वीआईपी प्रवेश दिलवाती हैं, और जब कोई इसका विरोध करता है तो बदसलूकी व मारपीट पर उतारू हो जाती हैं। वहीं पुलिसकर्मियों का कहना है कि स्वयंसेवकों द्वारा ड्यूटी में हस्तक्षेप और अभद्र व्यवहार किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद मंदिर प्रशासन और अन्य पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। बाबा गरीबनाथ मंदिर के महंत पुजारी अभिषेक पाठक ने बताया, "दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसे तत्काल शांत करा दिया गया। अब माहौल पूरी तरह से सामान्य है। मंदिर प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं जिला प्रशासन ने भी पूरे मामले की जानकारी ली है।
पहले भी हो चुका है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब बाबा गरीबनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन को लेकर विवाद हुआ है। बीते सोमवार की रात भी गर्भगृह में दर्जनों लोगों के विशेष प्रवेश की तस्वीरें सामने आई थीं। वायरल वीडियो में 50 से अधिक लोग गर्भगृह के भीतर नजर आए, जबकि मुख्य पुजारी का दावा था कि आरती के दौरान केवल 10–12 लोग ही बाबा की सेवा में रहते हैं। फिलहाल मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ही पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।