मोतिहारी जिले के घोड़ासहन प्रखंड स्थित ठाकुर राम मथुरा प्रसाद हाई स्कूल के खेल मैदान में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को मशाल प्रतियोगिता 2024 के अंतर्गत प्रखंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें प्रखंड क्षेत्र के सभी 14 सीआरसी से आए स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हालांकि आयोजन के दौरान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तापमान की भीषण गर्मी में बच्चों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिससे बच्चों के साथ आए अभिभावक और विद्यालय के शिक्षक खासे नाराज़ दिखे। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिक्षा विभाग को ऐसे आयोजनों के लिए सरकारी स्तर पर पर्याप्त फंड मिलता है, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की घोर अनदेखी की गई।
प्रतियोगिता में भाग लेने आए अंडर-14 और अंडर-16 के छात्र-छात्राओं ने बताया कि मैदान में न तो पीने का पानी मुहैया कराया गया और न ही किसी प्रकार का अल्पाहार उपलब्ध था। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को खेल मैदान से सटे बगीचे में लगे एकमात्र चापाकल से पानी पीने को मजबूर होना पड़ा।
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एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन जब स्थानीय विधायक पवन जयसवाल मौजूद थे तो मंच पर कूलर, पानी और नाश्ते की पूरी व्यवस्था थी, लेकिन आम बच्चों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य प्रखंडों में कम से कम बिस्कुट और पानी दिया जा रहा है, लेकिन घोड़ासहन में अव्यवस्था का आलम साफ दिख रहा है।
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि अगले दिन से बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था कराई जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अल्पाहार के लिए किसी तरह का अलग से फंड विभाग को प्राप्त नहीं होता है। वहीं मशाल प्रतियोगिता के प्रखंड अध्यक्ष सह प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार ने भी स्वीकार किया कि सारा फंड शिक्षा विभाग के पास होता है और इतनी भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था न होना दुखद है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि भीषण गर्मी में बच्चों की तबीयत बिगड़ती तो इसकी जवाबदेही कौन लेता? अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से ऐसी लापरवाही पर जवाब देने की मांग की है।