लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत वैशाली पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। वहीं, अब दोपहर में युवाओं से चर्चा में युवा मतदाता अपने मुद्दे बता रहे हैं।
'मोदी सरकार ने दस साल तक सिर्फ जुमलेबाजी की'
वैशाली में लालगंज प्रखंड कार्यालय के पास अमर उजाला से बात करते हुए कुंदन ने बताया कि इस बार मुद्दा मोदी जी नहीं हैं। इस बार विकास के नाम पर वोट दिया जाएगा। जबकि मोदी सरकार जुमलेबाजों की सरकार है। दस साल सिर्फ जुमलेबाजी की, उसके अलावा कुछ भी नहीं। धरातल पर कुछ नहीं है।
'नौजवान को नौकरी से हटाकर बूढ़े आदमी को सत्ता चाहिए'
कुंदन ने कहा कि उनका (पीएम मोदी) कहना है कि 74 साल का मैं हूं तो मुझको एक बार और मौका दिया जाए। लेकिन 24 साल का जो जवान है, जो 18 साल की उम्र से अग्निवीर में जा रहा है और 24 साल की उम्र रिटायर हो जाए। और 74 साल के मोदी जी को पांच साल के लिए और मौका दिया जाए। यहां नौजवान को नौकरी से हटाया जा रहा है और बूढ़े आदमी को सत्ता चाहिए। यही तो हो रहा है। इस बार मोदी की नहीं, मुद्दे की बात होनी चाहिए।
'भगवान के नाम पर भिक्षा देंगे पर वोट नहीं'
वहीं, एक अन्य युवा वीरेंद्र कुमार ने कहा कि यहां पर तो मुद्दा यही है कि भगवान के नाम पर भीख मांगी जाती है और भगवान के नाम पर लोग भिक्षा देते हैं, यहां भगवान के नाम पर कोई वोट नहीं दिया जाएगा बल्कि विकास के नाम पर वोट दिया जाएगा। हम मोदी जी का साल में दो करोड़ नौकरी देने का वादा देख चुके हैं। जो चार सौ रुपये का सिलेंडर था, उसको 12 सौ रुपये का है अब। इसलिए हम विकास के नाम पर वोट करेंगे।
'मोदी जी का कार्य सराहनीय रहा है, लेकिन...'
वहीं, एक व्यक्ति ने कहा कि मुद्दा तो रोजगार ही है। पहले तो सेंट्रल का ये चुनाव है तो देश स्तर पर ही सोचा जाए। फिर हाजीपुर के हिसाब से भी जनता सोचेगी और हम लोग भी सोचेंगे। हमारा जो लोकल सांसद होता है, वही हमारी मजबूती और हमारे कार्य को बढ़ाने के लिए हम अपना प्रतिनिधि बनाते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी जी का जो कार्यक्रम है, बिल्कुल सराहनीय रहा है। लेकिन... उसमें भी हमको लग रहा है कि कहीं न कहीं जितना वे बोल रहे हैं जितना आश्वासन देते आ रहे हैं, उसमें थोड़ा कमी हो रही है। कार्य हुआ है और ऐसा भी नहीं है देश के सभी कार्य पूरे हो गए हों। बेरोजगारी बढ़ी है और देश में सबसे पहला जो मुद्दा बना है, वह बेरोजगारी बना है।