हाजीपुर में सिविल सर्जन के कार्यालय से कुछ ही दूरी पर हत्या कर नवजात बच्ची का शव कचरे के डब्बे में फेंकने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि नगर थाना क्षेत्र के सदर अस्पताल से सौ मीटर की दूरी पर कचरे के डब्बे से कचरा उठाने गए नगर परिषद के सफाई कर्मी द्वारा एक बच्ची का शव देखा गया। इसके बाद सफाई कर्मियों द्वारा स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी गई। जैसे-जैसे लोगों को इसकी जानकारी हुई वैसे-वैसे लोग वहां इकट्ठा होते चले गए। बच्ची चार महीने की बताई जा रही है। शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल रोड पर कई निजी अस्पताल चलाए जाते हैं। भ्रूण हत्या का क्रूर कृत्य भी निजी अस्पताल में कराया जाता है। इससे पहले भी कई बार हाजीपुर में नवजात बच्चे के शव मिल चुके हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि जहां जिले के सिविल सर्जन का कार्यालय हो या जिले के तमाम स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी बैठते हों, उस कार्यालय से कुछ ही दूरी पर हत्या कर बच्ची का शव फेंक दिया गया। लगभग पांच घंटे बीत जाने के बाद भी न तो कोई अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचा और न ही किसी अधिकारी ने इस मामले की सुध ली। पूरे देश में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का नारा दिया जाता है। लेकिन आज की तस्वीर देखकर लोग इस नारे को भी भूल जाएंगे, जहां पर कोख में पलने वाली बेटी को ही मारकर फेंक दिया गया।
गाइडलाइन के मुताबिक, मृत बच्चे के डिस्पोजल की अलग व्यवस्था होती है। साथ ही मेडिकल का जो कचरा होता है, उसके डिस्पोजल की भी अलग व्यवस्था होती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी है। लेकिन जिस तरीके से बच्चे का शव कचरे के ढेर में मिला है। उससे समझा जा सकता है कि नियमों का कितना पालन किया जाता है।