रामनगर राजघराने की रानी सरिता शाह
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिम चंपारण के बगहा से सबको हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जहां कभी राजतंत्र में लोगों को न्याय देने वाले राजा की रानी आज अपने हक हकूक के लिए दर-दर भटकती फिर रही हैं। डरी सहमी हुईं रामनगर राजघराने की रानी सरिता शाह अपने जान माल की सुरक्षा और पुलिस सुरक्षा में ससुराल जाने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर उन्होंने बगहा एसपी सुशांत कुमार सरोज से मिलकर गुहार लगाई है।
दरअसल, हीरे-जवाहरात को लेकर राजघरानों में मशहूर रामनगर राजघराने के उत्तराधिकारी और अपने पति संजय विक्रम शाह से आपसी विवाद के बाद मामला सक्षम न्यायालय में चल रहा है। इधर, कुछ वर्षों पूर्व हुई अपने पति की दूसरी शादी के बाद सरिता और संजय के रिश्तों में कड़वाहट चल रही है। लिहाजा मामला न्यायाधीन है। बावजूद इसके सरिता शाह को उनके हक हुकूक से वंचित कर राजघराने से बाहर कर दिया गया है। तब से वह अपने मायके उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रह रही है।
जानकारी के मुताबिक, सरिता शाह रामनगर राजघराने के संजय विक्रम शाह की पहली पत्नी हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं जो अपने हक और अधिकार से महरूम हैं। यही वजह है कि पीड़िता अपने ही शहर में अपना आशियाना और आबोदाना ढूंढ रहीं हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में रामनगर राजघराने में सरिता शाह को नजरबंद किया गया था। तब रानी बमुश्किल वहां से अपनी जान बचाकर बाहर निकली थीं।
वहीं, अब फिर एक बार वह अपनी संपत्ति की रखवाली के मद्देनजर अपने ससुराल में प्रवेश चाहती हैं। ताकि उनके हक वाली उनकी धन संपत्ति का कोई दूसरा गलत इस्तेमाल न करें। खासकर फर्जी तरीके से बिक्री न कर दे। लिहाजा सरिता शाह ने शहर के एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को आपबीती सुनाई और अपने जान माल की सुरक्षा को लेकर शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।