बायोमेट्रिक जांच में फर्जी शिक्षक पकड़ाया
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बिहार के कई जिलों में मिले फर्जी शिक्षक के बाद अब मुजफ्फरपुर में भी एक शिक्षक फर्जी पाया गया है। बीपीएससी से हुए बहाल शिक्षकों में एक अवैध फर्जी शिक्षक मिला, जिसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने कार्रवाई किया है। बता दें कि BPSC से बहाल 1,100 शिक्षक अभ्यर्थी में 900 अभ्यर्थी सही पाए हैं। वहीं, 226 शिक्षकों का अंगूठे से मिलान नहीं हुआ। सरकार दोबारा मिलान का मौका देगी।
दरअसल, शिक्षा विभाग के निर्देश के तहत BPSC के पहले फेज में बहाल हुए इन सभी शिक्षकों का एक बार फिर वेरीफिकेशन हो रहा है। थंब वेरीफिकेशन के दौरान कई शिक्षकों का थंब इंप्रेशन नहीं मिल रहा है, जो बीते चार जनवरी यानी की पिछले सात दिनों में अब तक 226 शिक्षकों के बायोमेट्रिक का मिलान नहीं हुआ है। जबकि कुल 900 का मिलान कराया गया था, शेष सही पाए गए।
अब जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार, इन्हें एक बार और मौका दिया जाएगा। चार जनवरी से जिले के ही शिक्षा भवन स्थित कार्यालय में विभिन्न प्रखंड के शिक्षकों का थंब वेरीफिकेशन कार्य किया जा रहा है। इस दौरान फेस रिकॉग्निशन और थंब इंप्रेशन किया जा रहा है। हर दिन जिले भर के अलग- अलग प्रखंडों से आए हुए अभ्यर्थियों का वेरीफिकेशन कार्य किया जाता है। पिछले सात दिनों में 1,121 शिक्षक कार्यालय पहुंचे। लेकिन उनमें से 911 शिक्षकों का थंब इंप्रेशन का ही मिलान हुआ, बाकी 226 शिक्षक का बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो पाया, जिनको अब दोबारा मौका दिया जाएगा।
पूरे मामले में डीईओ जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया, जिन शिक्षकों का मिलान नहीं हुआ है, उन्हें एक बार और मौका दिया जाएगा। अगर सही होंगे तो वह मिलान हो जाएगा नहीं तो सरकार के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अब एक शिक्षक ऐसे थे, जो बायोमेट्रिक करवाने से कतरा रहे थे। पहले तो उन्होंने अपने तबियत खराब का बहाना बनाया, फिर भाग निकले। जब उन्हें दोबारा बुलाया गया, तब वे आए तो पर किसी तरह यहां से निकल गए और बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा डाक से भेज दिया। एक उस शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस दौरान में भी शिक्षक ने अपना रिजॉइन सौंपा था, जिसको दरकिनार करते हुए अब कार्रवाई की जा रही है।