पुणे में मजदूरी करने गए वैशाली जिले के 22 वर्षीय सिकंदर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। शव पैतृक गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव सड़क पर रखकर करीब चार घंटे तक आवागमन ठप रखा। परिजनों ने ठेकेदार और उसके साले पर हत्या का आरोप लगाया है। स्थिति संभालने पहुंचे मुखिया की भी भीड़ ने पिटाई कर दी।
छह महीने पहले पुणे गया था सिकंदर
मृतक के परिजनों के मुताबिक, सिकंदर करीब छह महीने पूर्व क्षेत्र के ही ठेकेदार विनोद साह के साथ पुणे मजदूरी करने गया था। आरोप है कि काम के दौरान किसी बात को लेकर ठेकेदार विनोद साह और उसके साले अनिल कुमार से उसका विवाद हो गया था। परिजनों का सीधा आरोप है कि अनिल कुमार ने हथौड़े से सिकंदर के सिर पर प्रहार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और घटना को अंजाम देने के बाद शव को पैतृक गांव भेज दिया।
शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा
शव गांव पहुंचने के बाद उमड़ी भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक नामजद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सड़क जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
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ग्रामीणों को शांत कराने पहुंचे मुखिया की भीड़ ने कर दी पिटाई
तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को शांत कराने पहुंचे पंचायत के मुखिया पर आक्रोशित भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र लोगों ने मुखिया की जमकर पिटाई कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल और प्रबुद्ध नागरिकों के हस्तक्षेप से किसी तरह स्थिति को संभाला गया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। ग्रामीण और परिजन लगातार आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।