चिंता में डूबे लापता लोगों के परिजन
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केरल के वायनाड में कुदरत का कहर देखने को मिला है। जहां हुए भूस्खलन से 150 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। लेकिन इस हादसे का असर केरल से हजारों किलोमीटर दूर वैशाली में भी हुआ है। जहां के छह से अधिक लोग लापता हैं। जबकि एक युवक घायल है तो वहीं दो लोग इस हादसे में बाल-बाल बच गए हैं।
दरअसल, वैशाली के गोरौल प्रखंड क्षेत्र स्थित पोझा गांव के कई लोग मजदूरी करने के लिए वायनाड गए थे। इसी बीच वहां भूस्खलन हो गया। बताया जा रहा है कि गांव के दुखन पासवान का बेटा अरुण पासवान इस हादसे में घायल हो गया है। जबकि गांव के ही रहने वाले सुरेंद्र पासवान का बेटा बिजनेशिया पासवान और उपेंद्र पासवान तथा उसकी पत्नी फूल कुमारी हादसे का शिकार हो गए हैं। इन लोगों का कोई पता नहीं चल रहा है।
इसी परिवार के रिश्तेदार रंजीत पासवान और साधु पासवान भी लापता हैं, जो वैशाली जिले के ही जंदाहा के रहने वाले हैं। सभी एक साथ वायनाड में रहकर काम-धंधा करते थे। हालांकि पोझा गांव के ही धर्मेंद्र राय और राजेश राय इस हादसे में बाल-बाल बच गए हैं, जिसके बाद इनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के मुताबिक, इस गांव के कई लोग चाय बागान में काम करने के लिए वायनाड गए हुए थे। वहीं, पूरे परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे का समाचार मिलने के बाद परिवार के कई लोगों की तबीयत भी खराब हो गई है, जिनका इलाज भी जारी है। भूस्खलन में गायब हुए लोगों का कुछ पता नहीं चल सका है। परिजन लगातार अपनों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कुदरत की मार ने पूरे गांव में मातम पसरा दिया है। लोग अपने घर छोड़कर दूसरी जगह रोजी-रोटी के लिए जाते हैं, लेकिन कुदरत की मार अपनों को अपनों से दूर कर देती है।