मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में एक और हादसे ने अस्पताल की दुर्व्यवस्था को उजागर किया है। यहां सड़क दुर्घटना में घायल होकर भर्ती हुई सुमित्रा देवी (55) पर अस्पताल के पुराने भवन की छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे उनकी आंखों पर चोट आई। घटना के बाद पूरे अस्पताल में अफरातफरी मच गई और अन्य मरीजों में दहशत फैल गई।
सो रही मरीज पर अचानक गिरा प्लास्टर
जानकारी के मुताबिक, पानापुर थाना क्षेत्र निवासी सुमित्रा देवी 10 दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद सदर अस्पताल में इलाज करा रही थीं। वह अपने बेड पर सो रही थीं, जब अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। यह हादसा उनके लिए एक और झटका था, क्योंकि पहले ही सड़क दुर्घटना में वे घायल हो चुकी थीं। चोट लगने के बाद, सुमित्रा देवी को तुरंत इलाज दिया गया, लेकिन इस घटना ने अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को भी डरा दिया।
मरीजों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद वार्ड में भर्ती अन्य मरीज भी दहशत में हैं। एक मरीज ने कहा कि जिस तरह से यह घटना हुई है, अब हम सभी डर में हैं कि पता नहीं कब दूसरा प्लास्टर गिर जाएगा और हम भी घायल हो जाएंगे। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से इस स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है।
‘प्लास्टर गिरने की घटना कोई बड़ी दुर्घटना नहीं’
घटना की जानकारी मिलने पर सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी एस झा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि भवन पुराना है और छत के प्लास्टर के गिरने की घटना कोई बड़ी दुर्घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक पुरानी इमारत है, ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। हम मरीज के इलाज के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध हैं और नया भवन भी बन रहा है।
सदर अस्पताल की दुर्व्यवस्था
मुजफ्फरपुर का सदर अस्पताल अपनी दुर्व्यवस्थाओं के कारण लगातार चर्चा में रहता है। थोड़ी सी बारिश में अस्पताल के परिसर में जल जमाव हो जाता है, जिससे मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुराने भवन के पुरुष और महिला वार्डों में जल जमाव, पानी टपकने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इस अस्पताल की स्थिति को और बदतर बना दिया है।