नए आपराधिक कानूनों की जनता को दी जा रही जानकारी
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गोपालगंज के सभी थानों में पढ़ाया गया भारतीय न्याय संहिता का पाठ
गोपालगंज जिले के भी सभी थानों में एक कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय न्याय संहिता का पाठ सभी थानेदारों ने पढ़ाया गया। इस कार्यक्रम में थाना क्षेत्र के सभी बुद्धिजीवी, व्यवसायी, जन प्रतिनिधि और आम लोग शामिल हुए।
इसी सिलसिले में भोरे थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि आईपीसी अब भारतीय न्याय संहिता कहलाएगी। नया आपराधिक कानून सोमवार यानी आज से लागू किया जा रहा है। इसके तहत अधिकांश आपराधिक धाराएं बदल दी गई हैं। अब हत्या की धारा 302 की जगह बीएनएस में 103 होगी। नए आपराधिक कानून में आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव किया गया है।
गौरतलब है कि नए आपराधिक कानून के तहत अब आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता में केस दर्ज किया जाएगा। इसको लेकर अधिकांश धाराएं बदली गई हैं। इसमें आपराध के प्रमुख बिंदु हत्या, लूट, बलात्कार, डकैती, चोरी, छेड़खानी और अपहरण आदि शामिल हैं। अनुसंधान की पद्धति में भी बदलाव किया गया है। नया आपराधिक कानून लागू करने से पूर्व जिले के सभी थानेदार और पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, आईपीसी की तीन धाराएं 442 गृह अतिचार, 445 गृहभेदन, 447 आपराधिक अतिचार के लिए दंड को भारतीय न्याय संहिता की एक ही धारा 330 बीएनएस में समाहित किया गया है। अब ऐसी होंगी धाराएं- आईपीसी बीएनएस हत्या 302 की जगह 103, हत्या का प्रयास 307 की जगह 109, मारपीट 323 की जगह 115, छेड़छाड़ 354 की जगह 74, नाबालिग का अपहरण 363 की जगह 139, दुष्कर्म करना 376 की जगह 64, लूटपाट 392 की जगह 309, धोखाधड़ी 420 की जगह 318, दहेज हत्या 304बी की जगह 80 और जान से मारने की धमकी देना 506 की जगह 351 होगी।