बेतिया में एक युवक ने उसके मामा को थाना ले जाकर बंद कर पैसा लेकर छोड़ने की शिकायत एसपी से की है। मामला जिले के मझौलिया थानाक्षेत्र के अमवा बैरागी गांव का है। दरअसल, चंदन प्रसाद नामक युवक ने पुलिस अधीक्षक अमरकेश डी को आवेदन देकर मझौलिया थाने में तैनात दरोगा बिहारी प्रसाद निराला पर उक्त आरोप लगाया है।
एसपी को दिए आवेदन में चंदन ने बताया कि दो सितंबर की रात वह पूर्णिया जिले के रानी पकड़ा गांव निवासी अपने मामा मनीष कुमार के साथ अमवा बजार गए हुए थे। अपने मामा को सड़क किनारे खड़ा करके बाजार में खरीदारी कर रहा था। इसी दौरान मझौलिया थाने के सब इंस्पेक्टर बिहारी प्रसाद निराला आए और डांट फटकार करने लगे। मामा को जबरदस्ती अपने साथ गाड़ी से लेकर मझौलिया थाने चले गए। जहां उन्हें रात भर हाजत में रखा गया।
चंदन ने बताया कि जब मैं बाजार कर लौटा तो देखा कि उक्त जगह पर मेरे मामा नहीं हैं। उसके बाद मैंने उनके फोन पर कॉल किया तो सारी घटना की जानकारी मुझे मिली। जब अगले दिन मैं अपने मामा से मिलने थाने गया तो बिहारी प्रसाद निराला ने मुझसे गाली-गलौज की। उन्होंने मुझे भी हाजत में बंद कर दिया और छोड़ने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। उन्होंने साफ तौर पर मेरे मामा को छोड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि तुम्हारे मामा के पास से गांजा बरामद हुआ है। इसके बाद मैंने अपने बड़े पापा और गांव के चार-पांच गणमान्य लोगों को घटना की जानकारी दी। उन लोगों के थाने पर आने के बाद 25 हजार रुपये सब इंस्पेक्टर बिहारी प्रसाद निराला को दिए, जिसके बाद उन्होंने मुझे और मेरे मामा को छोड़ा। युवक ने एसपी को एक ऑडियो रिकॉर्ड भी दिया है।
वहीं, जब इस बावत बेतिया पुलिस अधीक्षक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। सत्यापन करने के बाद प्रशिक्षु डीएसपी द्वारा उसे छोड़ा गया है। जो भी आरोप दारोगा पर लगा है, वह बिल्कुल निराधार और गलत है। मामले की जांच पड़ताल कराई गई है। लड़के द्वारा दिए गए ऑडियो में कहीं भी पैसे मांगने का जिक्र नहीं है। मैंने खुद ऑडियो को सुना है। उन्होंने बताया कि संदेह के आधार पर पुलिस द्वारा युवक को पकड़कर थाने लाया गया था।