बिहार के मुजफ्फरपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रंजीत पासवान की हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जिले के करजा थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद शाहबाद अंसारी नाम के शख्स ने रंजीत पासवान उर्फ जॉन की चाकू घोंप कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर शुरू कर दी है।
रंजीत की हत्या के बाद उनके समर्थकों ने लगभग 2 घंटे तक शव के साथ प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा हजारों की संख्या में लोग उनके घर के पास पहुंच गए और डीएसपी और डीएम को मृतक के घर बुलाने की मांग करने लगे। इसके साथ ही लोग मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी, मुआवजे के रूप में डेढ़ करोड़ रुपए और आरोपी को फांसी पर लटकाने की मांग करने लगे।
मृतक के घर पर सरैया के डीएसपी राजेश शर्मा और मुजफ्फरपुर डीएम रामनरेश पासवान के आने बाद ही शव की अंत्येष्टि की जा सकी। डीएसपी डीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन देकर अंत्येष्टि के लिए मनाया।
डीएसपी के अनुसार बुधवार शाम शाहबाद और रंजीत के छोटे भाई के बीच मोबाइल में वीडियो देखने के लिए विवाद हुआ था। विवाद बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। रंजीत ने बीच-बचाव किया तो रिंकू ने उसके जांघ और पेट में चाकू घोंप दिया। इसमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बुरी तरह जख्मी हो गए। उनके घर वालों ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई।
रंजीत की मौत के बाद देर रात उनके के समर्थकों ने आरोपी के घर पर जमकर तोड़फोड़ की और आग लगाने का भी प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पूरी रात गांव में पहरा दिया। ग्रामीणों की मदद से आरोपी को देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया था।