मिड डे मील में बच्चों को दिए गए सड़े आम
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खगड़िया जिले से चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि स्कूलों में मिड डे मील के नाम पर बच्चों को सड़े और गले फल मुहैया कराए जा रहे हैं। उनका सेवन करने से बच्चे बीमार भी हो सकते हैं। बुधवार को जिले के चौथम प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय नवटोल बोरने में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। इस विद्यालय में पूर्वी बोरने पंचायत के वार्ड सदस्य विमलेश कुमार जब निरीक्षण करने पहुंचे तो बच्चों के हाथ में सड़ा आम देखते ही वह भड़क गए। वहीं, बच्चों ने भी हंगामा किया। जबकि बुधवार को सरकारी मेन्यू के अनुसार मिड डे मील में बच्चों को अंडा और मौसमी फल देने का निर्देश है। बावजूद इसके चंद रुपये बचाने की चाहत में विद्यालय प्रधान द्वारा ऐसा किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक त्रिपुरारी शरण ने कहा कि उनकी किस्मत ही खराब है। वह अच्छा फल देते हैं जो खराब बन जाता है। हालांकि ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि मिड डे मील के नाम पर बच्चों को बीमार करने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले में विद्यालय पहुंचे वार्ड सदस्य विमलेश कुमार ने बताया कि वह जब स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर भौचक रह गए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सड़ा हुआ आम खाने के लिए दिया गया था, जिसे उन्होंने खाने से बच्चों को मना कर दिया। वार्ड सदस्य का आरोप है कि स्कूल के शिक्षक और प्रखंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से मिड डे मील के नाम पर अनियमितता की जा रही है। वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक त्रिपुरारी शरण ने कहा कि उनको टारगेट कर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है।
मामले को लेकर चौथम प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार के मोबाइल पर कॉल किया गया। लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी के सरकारी नंबर पर भी कई बार फोन लगाया गया। बावजूद उनके द्वारा भी कॉल रिसीव नहीं किया गया।