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Bihar Crime: पूर्व विधायक ललन कुंवर और उनके बेटे पर गोलीबारी, दिनदहाड़े फायरिंग से बेगूसराय में दहशत

Sat, 28 Sep 2024 02:54 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

Begusarai Crime: तेघड़ा के पूर्व विधायक ललन कुंवर ने बताया कि हमले के वक्त उनके साथ उनका बॉडीगार्ड भी था, जिसने अपनी सूझबूझ से इस संकट की घड़ी में उनकी जान बचाई। वहीं, पुलिस ने कहा कि इस घटना के दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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पूर्व विधायक ललन कुंवर और उनके बेटे कुंवर अनुराग प्रताप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेगूसराय जिले में अपराध का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है। तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक ललन कुंवर और उनके बेटे पिंढौली पंचायत के वर्तमान मुखिया कुंवर अनुराग प्रताप पर दिनदहाड़े अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर जानलेवा हमला किया। इस हमले में दोनों किसी तरह बाल-बाल बच गए, लेकिन घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। घटना तेघड़ा थानाक्षेत्र में हुई और पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

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पहले फोन पर दी गई जान से मारने की धमकी
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह पिंढौली पंचायत के मुखिया कुंवर अनुराग प्रताप के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन पर अपराधी ने पहले गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की धमकी दी। अनुराग ने तुरंत इस बात का विरोध किया और जब पता चला कि फोन उनके ही गांव के अपराधियों का है, तो वे इस मामले की तहकीकात के लिए घर से निकले। उनके साथ उनके पिता पूर्व विधायक ललन कुंवर और उनके बॉडीगार्ड भी थे।
 
इस दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे चार-पांच हथियारबंद अपराधी ने कुंवर अनुराग प्रताप और उनके पिता पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। कुंवर अनुराग और उनके पिता किसी तरह जान बचाकर भागे। उनके साथ मौजूद बॉडीगार्ड ने अपनी बंदूक निकालकर अपराधियों का मुकाबला किया। इससे अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
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फायरिंग के पीछे की वजह
मुखिया कुंवर अनुराग प्रताप ने बताया कि इस हमले के पीछे गांव के कुछ अपराधियों का हाथ है, जिन्हें हाल ही में शराब के मामले में जेल भेजा गया था। अपराधियों ने जेल से छूटने के बाद उन्हें और उनके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपियों का कहना था कि उन्हें मुखिया और पूर्व विधायक के कारण ही जेल जाना पड़ा था और अब वे दोनों को मारकर बदला लेंगे।
 
बॉडीगार्ड की सूझबूझ ने बचाई जान
तेघड़ा के पूर्व विधायक ललन कुंवर ने बताया कि हमले के वक्त उनके साथ उनका बॉडीगार्ड भी था, जिसने अपनी सूझबूझ से इस संकट की घड़ी में उनकी जान बचाई। बॉडीगार्ड ने समय रहते अपराधियों के सामने हथियार निकालकर मोर्चा संभाल लिया, जिससे अपराधी घबरा गए और मौके से फरार हो गए। पूर्व विधायक ने कहा कि अगर बॉडीगार्ड ने सही समय पर जवाबी कार्रवाई नहीं की होती, तो शायद हम आज जिंदा नहीं होते।
 
सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की
घटना के बाद पूर्व विधायक ललन कुंवर और उनके पुत्र कुंवर अनुराग प्रताप ने पुलिस से मांग की है कि उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। साथ ही, उन्होंने दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग भी की है।
 
इलाके में दहशत का माहौल
वहीं, दिनदहाड़े इस हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग भयभीत हैं और खुलेआम अपराधियों द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम दिए जाने से चिंतित हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति भी रोष है, क्योंकि अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े गोलियां चला रहे हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
 
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही तेघड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ सबूत जुटाए हैं और अपराधियों की पहचान के लिए इलाके में छानबीन कर रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस घटना के दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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